बदलापुर के एक स्कूल में यौन शोषण की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार हरकत में आ गई है। यहां एकनाथ शिंद की सरकार ने बुधवार को राज्य के सभी स्कूलों को एक महीने के अंदर अपने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश जारी किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं करने पर स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों के संचालन की अनुमति भी रद्द की जा सकती है। सरकार ने सभी स्कूलों को आदेश न मानने पर गंभीर परिणामों वाली कार्रवाई की चेतावनी दी है।
राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन
दरअसल, मुंबई के पास बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के कथित यौन शोषण के बाद राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मामले में स्कूल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।
आदेश में क्या?
आदेश में कहा गया है कि राज्य के सभी निजी स्कूलों को विभाग के नए दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इसके तहत स्कूल परिसर में जरूरी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी है। इसका पालन न करने पर वित्तीय अनुदान रोके जाने, स्कूल के संचालन परमिट को रद्द किए जाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। आदेश में कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज की सप्ताह में कम से कम तीन बार जांच की जानी चाहिए। यदि कोई भी चिंताजनक घटना कैमरे में दर्ज होती है तो पुलिस से संपर्क करना प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी।
बदलापुर की घटना क्या है?
बदलापुर पूर्व के एक नामी स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप स्कूल टॉयलेट साफ करने वाले व्यक्ति अक्षय शिंदे पर लगा है। पीड़ितों में से एक चार साल की है और दूसरी छह साल की है। घटना 12 और 13 अगस्त को घटी थी। दरअसल, आरोपी अक्षय शिंदे को 1 अगस्त, 2024 को टॉयलेट साफ करने के लिए अनुबंध के आधार पर स्कूल में भर्ती किया गया था। स्कूल ने लड़कियों के शौचालयों की सफाई के लिए कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं की थी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने 12 और 13 अगस्त की कक्षाओं के दौरान बच्चों के साथ बदसलूकी की।
बच्ची लगातार अपने माता-पिता से शिकायत करती रही
14 अगस्त को एक बच्ची ने स्कूल से घर लौटने के बाद अपने माता-पिता से गुप्तांगों में दर्द की शिकायत की। बच्ची लगातार अपने माता-पिता से शिकायत करती रही तो माता-पिता को शक हुआ। उन्होंने लड़की से पूछताछ की तो घटना का पूरा सच पता चला। जब वह टॉयलेट गई तो पता चला कि अक्षय शिंदे नाम के 23 वर्षीय सफाईकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ था।
चिंतित माता-पिता ने उसी कक्षा की एक अन्य लड़की के माता-पिता से संपर्क किया तो उन्होंने भी कहा कि उनकी बेटी कुछ दिनों से स्कूल जाने से डर रही है। दोनों बच्चियों की हालत संदिग्ध होने पर माता-पिता ने तुरंत स्थानीय डॉक्टर से जांच कराया। उसमें बाद पता चला कि आरोपी ने बच्चियों के साथ बदसलूकी की थी।
हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया
इसके बाद दोनों के परिजन ने 16-17 अगस्त की आधी रात करीब 12:30 बजे स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने गए। हालांकि, अभिभावकों का आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी शुभदा शितोले ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें कुछ घंटों तक बैठाए रखा और कहा कि वे सभी घटनाओं की जांच कर रहे हैं। इस बीच, जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने 17 अगस्त की सुबह पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया और सरकारी अस्पताल में लड़कियों की मेडिकल जांच कराई। कुछ ही देर में आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई।
स्कूल ने प्रिंसिपल को निलंबित किया
घटना के कई दिन बाद 19 अगस्त को स्कूल प्रशासन सक्रिय हुआ और कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही क्लास टीचर और एक महिला कमर्चारी को बर्खास्त कर दिया और सफाईकर्मियों को मुहैया कराने वाली एजेंसी के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया। स्कूल ने सभी अभिभावकों से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।