महाराष्ट्र के कई शहरों में लगातार बारिश का कहर जारी है। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। यहां चारों तरफ पानी-पानी दिख रहा। राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले के कई इलाकों में हालात बदतर हो गए हैं। यहां भारी बारिश के बाद 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं 90 अन्य को बचाया गया। इसके अलावा, नांदेड़ जिले में दो लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन प्रभावित हुई है।
25 जानवरों की मौत
आठ जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में रविवार से भारी बारिश हो रही है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, नांदेड़ जिले में 45 राजस्व सर्किल बारिश से प्रभावित हुए हैं। दो लाख हेक्टेयर से अधिक फसलें प्रभावित हुईं और 25 जानवरों के मरने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि नांदेड़ शहर, अर्धपुर, हडगांव, डेग्लूर, मुदखेड़, कंधार, लोहा और नायगांव में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
बारिश रुकेगी फिर होगा फसल नुकसान का सर्वे
नांदेड़ के कलेक्टर अभिजीत राउत ने कहा कि बारिश थमने के बाद फसल नुकसान का सर्वेक्षण किया जाएगा।
दूसरी मंजिल तक पहुंचा
वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि भरद, मालेगांव और दभाड़ राजस्व क्षेत्रों में सोमवार को महज 12 घंटे में 170 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण नांदेड़ शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए। उन्होंने बताया कि वासरनी के पंचवटी साईं बाबा कमान इलाके में पानी एक इमारत की दूसरी मंजिल तक पहुंच गया और वहां रहने वाले दो लोगों को बचाया गया।
कई बांधों से छोड़ा गया पानी
उन्होंने बताया कि जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते नांदेड़ जिले में कई बांधों से पानी छोड़ा गया और सोमवार को खोल दिया गया। वहीं, विष्णुपुरी बांध के चौदह गेट, मनार परियोजना के 15 गेटों में से नौ को खोल दिया गया और क्रमशः गोदावरी और मनार नदियों में अतिरिक्त पानी छोड़ दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि नांदेड़ में विभिन्न बैराजों के द्वार खुले रखे गए हैं और जल स्तर बनाए रखने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।
हिंगोली में सैकड़ों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
हिंगोली जिले में 218 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और सोमवार को 87 लोगों को बचाया गया। हिंगोली के एक जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि सारंगवाड़ी गांव में डूबने से 10 साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई। वसमत तहसील के तेम्भुर्नी का एक निवासी डूब गया और सोमवार शाम उसका शव बरामद किया गया।
अधिकारी ने कहा कि हिंगोली के सभी 30 राजस्व क्षेत्रों में सोमवार को भारी बारिश हुई। यहां 141.70 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के कारण सोमवार तक 77 गौशालाएं नष्ट हो चुकी हैं। जिला कलेक्टर अभिनव गोयल का कहना है कि फसल नुकसान का सर्वेक्षण इस सप्ताह किया जाएगा।
हिंगोली के जिला प्रभारी मंत्री अब्दुल सत्तार नुकसान का जायजा लेने के लिए मंगलवार सुबह बारिश प्रभावित सोडेगांव, डोंगरगांव पुल और सावरखेड़ा पहुंचे। राजस्व विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के चार जिलों के 11 क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है।
कहां-कितनी बारिश हुई?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर और सावलादबारा सर्कल में 101.50 मिमी बारिश हुई, जो इस क्षेत्र में सबसे अधिक है। वहीं लोनी, पिशोर, चिंचोली और सोयगांव सर्कल में 65 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, नांदेड़ के अर्धपुर क्षेत्र में 94.50 मिमी, पिंपरखेड में 69.50 मिमी और जलधारा में 65.50 मिमी बारिश हुई। हिंगोली में अंबा के साथ-साथ कुरुंडा हलकों में 92 मिमी बारिश दर्ज की गई। परभणी के जिंतूर में अडगांव सर्कल में 77.50 मिमी बारिश हुई।