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महाराष्ट्र : सत्ता के साथ खिसकी सियासी जमीन, खतरे में ठाकरे का हिंदुत्व, उद्धव ठाकरे बोले- अमित शाह वादा निभाते तो आज भाजपा का सीएम होता

Sat, 02 Jul 2022 06:18 AM IST
योगेश साहू सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई। 

सार

सीएम पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद उद्धव ठाकरे शुक्रवार को मीडिया के सामने आए और एकनाथ शिंदे को शिवसेना का मुख्यमंत्री मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगर वादा निभाया होता तो आज महाराष्ट्र में भाजपा का सीएम होता।
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उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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विस्तार
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महाराष्ट्र में सत्ता जाने के बाद बगावत की आंधी में शिवसेना की सियासी जमीन भी खिसकती दिख रही है। साथ ही, शिवसेना का हिंदुत्व भी खतरे में है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उनके पास शिवसेना है। इसे उनसे कोई नहीं छीन सकता। लेकिन अब सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर शिवसेना है किसकी।

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क्योंकि एकनाथ शिंदे भी अपने गुट को असली शिवसेना बता रहे हैं। रविवार को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है जिसमें भाजपा का ही वरिष्ठ सदस्य विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की उम्मीद है। दो-तिहाई बहुमत होने की स्थिति में नए विधानसभा अध्यक्ष शिंदे को शिवसेना विधायक दल का नेता घोषित कर सकते हैं।

जब शिंदे गुट के सचेतक भरत गोगावले सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी करेंगे तब आदित्य ठाकरे क्या करेंगे। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सुनवाई से मना कर दिया है। ऐसी स्थिति में उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे को या तो पार्टी का व्हिप मानना पड़ेगा अन्यथा विधानसभा की सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है।
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उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ ढाई साल तक सत्तासुख भोगा और गदाधारी हिंदुत्व होने का दावा करते रहे। लेकिन अब एमवीए के इन सहयोगियों के साथ रहकर हिंदुत्व की राजनीति उनके लिए आसान नहीं होगी। जिस हिंदुत्व के विचार को ताक पर रखकर उद्धव ने कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन किया था उद्धव ठाकरे उसे फिर प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।


मगर सवाल यह है कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें जो सहयोग शरद पवार और सोनिया गांधी से मिला क्या उस तरह का सहयोग सत्ता से बाहर होने के बाद मिलेगा। सत्ता की खातिर किए गए समझौते से शिवसेना की विचारधारा पहले ही कमजोर पड़ चुकी है। इसलिए ठाकरे को उनकी कट्टर हिंदुत्व की पहचान फिर से पाने में मुश्किलें आएंगी।

शिंदे को नहीं मानता शिवसेना का सीएम : उद्धव ठाकरे
सीएम पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद उद्धव ठाकरे शुक्रवार को मीडिया के सामने आए और एकनाथ शिंदे को शिवसेना का मुख्यमंत्री मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगर वादा निभाया होता तो आज महाराष्ट्र में भाजपा का सीएम होता। एमवीए नहीं बनती। लेकिन अब भाजपा को क्या मिला। साल 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उद्धव ने ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की शर्त रखी थी और दावा किया कि अमित शाह ने उन्हें आश्वासन दिया।


उद्धव ठाकरे ने कहा कि अमित शाह को ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर अमल करना चाहिए था। अब शिंदे के सीएम बनने से भाजपा को क्या मिल गया। उद्धव ने कहा, सभी ने देखा कि मेरी पीठ में खंजर मारा गया। जिस तरीके से सरकार का गठन हुआ है, सीएम बनाया गया है, यह सम्मानजनक तरीके से हो सकता था।

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