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Maharashtra Shiv Sena Politics : शिवसेना सांसदों में शिंदे गुट के साथ जाने पर असमंजस, भाजपा का दावा- 19 में 12 पाला बदलने को तैयार

Sat, 02 Jul 2022 05:08 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे और कल्याण क्षेत्र के शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे पहले ही खुलकर अपने पिता के साथ खड़े हैं जबकि यवतमाल की पांच बार की सांसद भावना गवली ने असंतुष्ट खेमे की शिकायतों का समाधान करने के लिए उद्धव को पत्र भेजा था।
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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी भले दावा कर रही हो कि शिवसेना के कम से कम एक दर्जन सांसद उसके संपर्क में हैं, लेकिन ज्यादातर सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने को लेकर असमंजस में हैं। भाजपा के एक राष्ट्रीय नेता ने दावा किया कि शिवसेना के 19 में से 12 लोकसभा सांसद पाला बदलने के लिए तैयार हैं। 19 सांसदों में 18 महाराष्ट्र जबकि एक दादरा और नगर हवेली से हैं।

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बता दें कि शिंदे के बेटे और कल्याण क्षेत्र के शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे पहले ही खुलकर अपने पिता के साथ खड़े हैं जबकि यवतमाल की पांच बार की सांसद भावना गवली ने असंतुष्ट खेमे की शिकायतों का समाधान करने के लिए उद्धव को पत्र भेजा था। वहीं ठाणे लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजन विचारे एकनाथ शिंदे की तरह ही दिवंगत आनंद दिघे के शिष्य हैं। गवली इस समय ईडी के निशाने पर हैं। वैसे सांसदों का एक खेमा इसलिए भी असमंजस में है क्योंकि उनके क्षेत्र के अधिकांश विधायक शिंदे के साथ चले गए हैं। साथ ही उन्हें अब अपने क्षेत्र में नए विकास कार्यों के लिए वित्तीय मदद की भी चिंता सता रही है। 

शिवसेना का दावा, संसदीय दल पर असर नहीं
लोकसभा में शिवसेना संसदीय दल के नेता विनायक राउत ने कहा कि शिंदे गुट की बगावत का संसदीय दल पर कोई असर नहीं होगा। उस्मानाबाद के सांसद ओमराजे निंबालकर ने भी कहा कि वह पूरी तरह ठाकरे परिवार के साथ हैं और 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना सुप्रीमो के निर्देश के अनुसार वोट डालेंगे।
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सभी राज्यसभा सांसद ठाकरे के करीबी
वहीं विदर्भ क्षेत्र से आने वाले एक सांसद ने कहा कि शिवसेना विधायक दल में टूट हुई है, आप इसमें संसदीय दल को क्यों घसीट रहे हैं। राज्यसभा के संसदीय दल में टूट की गुंजाइश नहीं हैं क्योंकि सेना के सिर्फ तीन सांसद अनिल देसाई, संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी हैं और तीनों ठाकरे परिवार के करीबी हैं।

फीका रहा भाजपा की सत्ता वापसी का जश्न, नहीं आए फडणवीस
भाजपा ने पार्टी कार्यालय पर जश्न का आयोजन किया लेकिन फडणवीस नही पहुंचे। इससे यह जश्न फीका रहा। फडणवीस को मुख्यमंत्री न बनाए जाने से भाजपा के संगठन और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। भाजपा कार्यालय के प्रवेश द्वार पर लगाए गए पोस्टर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर गायब थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि भाजपा में कोई नाराज नही होता। पार्टी जो आदेश देती है हम सभी उसका पालन करते हैं।

फडणवीस से बोले राज ठाकरे, हमें  आप पर है अभिमान
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने पार्टी आदेश को सर्वोपरि मानते हुए उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने के लिए देवेंद्र फडणवीस का अभिनंदन किया है। उन्होंने मराठी भाषा में एक पत्र लिखा है, जिसमें फडणवीस की जमकर तारीफ की है। फडणवीस को भेजे पत्र में राज ठाकरे ने लिखा, मुझे उम्मीद थी कि आप दोबारा मुख्यमंत्री बनकर लौटेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मन की इच्छा से ऊपर उठकर पार्टी का आदेश माना, हमें आप पर अभिमान है।

होटल में जश्न मनाने पर विधायकों से नाराज हुए एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने विधायकों से नाराज हैं। बृहस्पतिवार को जब एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का एलान हुआ तब गोवा के होटल में डेरा जमाए शिंदे समर्थक विधायकों ने जमकर जश्न मनाया था। इस दौरान कई विधायक मराठी गाने पर नाचने लगे थे। इसी पर एकनाथ शिंदे ने नाराजगी जताई है।

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