अधिकारी ने बताया कि आरोपी वासुदेव तायडे (54 वर्षीय) ने एक धर्मार्थ संगठन के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपना नाम डॉ. विनय देव बताया जो पीएमओ से जुड़े भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी है। संगठन 'बॉर्डरलेस वर्ल्ड फाउंडेशन' ने 29 मई को पुणे में एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें एक एंबुलेंस को जम्मू-कश्मीर भेजा गया था। हालांकि, तायडे को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन वह एक आमंत्रित व्यक्ति के साथ था।
पुणे पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक (यूनिट 1) शब्बीर सैयद ने कहा, कार्यक्रम में उसने अपना परिचय डॉ. विनय देव के रूप में दिया और बताया कि वह एक आईएएस अधिकारी हैं और पीएमओ में उप सचिव के रूप में काम कर रहे हैं। हालांकि, संगठन के कुछ सदस्यों ने उनके दावे को संदिग्ध पाया। उन्होंने पूछताछ की और पाया कि वह एक बहरूपिया है। उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और तायडे को तालेगांव तक ट्रैक किया।
उन्होंने कहा, 'तायडे जलगांव जिले के यावल का रहने वाला है और फिलहाल तालेगांव में रह रहा है। उसने हमें बताया कि वह आईपीएस या आईएएस अधिकारी बनना चाहता था लेकिन यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर सका। ध्यान आकर्षित करने के लिए वह एक नौकरशाह के रूप में खुद को पेश करता था।' पुणे पुलिस ने तायडे के खिलाफ धोखाधड़ी और भेष बदलने का मामला दर्ज किया है।