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अच्छी खबर: बंदूक छोड़ने वाली नक्सली महिलाएं बन गईं उद्यमी, रंग लाई पुलिस की कल्याणकारी पहल

Sun, 21 Nov 2021 09:06 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एसपी अंकित गोयल ने बताया कि इन पूर्व नक्सल महिलाओं को वर्धा में प्रशिक्षण दिया गया था। हाल ही में लांच ‘क्लीन-101’ इनका पहला उत्पाद है। इसे मिल रहे शुरुआती बिक्री ऑर्डर उत्साहित करने वाले हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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महाराष्ट्र में समर्पण करने वाली नक्सली महिलाओं ने सच्चाई की राह पकड़ ली है। यहां बंदूक छोड़ने वाली 10 महिलाएं और एक पुरुष फ्लोर क्लीनर ‘क्लीन-101’ लांच कर उद्यमी बन गए हैं। गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक, एसपी अंकित गोयल ने यह पहल की है। पूर्व माओवादी महिला नक्सल को नया जीवन शुरू करने में मदद के लिए उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण दिलाने की योजना चलाई। प्रशिक्षित महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह नवजीवन उत्पादक संघ बनाया गया। 

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पुलिस ने बताया कि बाजार में उपलब्ध अन्य ब्रांड के मुकाबले ‘क्लीन-101’ की गुणवत्ता कहीं बेहतर है। साथ ही यह सस्ता भी है। पुलिस इसकी बिक्री में भी इस समूह की मदद कर रही है। नवजीवन उत्पादन संघ को विभिन्न सरकारी और गैरसरकारी विभागों से ऑर्डर भी मिलने लगे हैं। महाराष्ट्र के अकोला में स्थित कृषि विद्यापीठ ने समूह को 200 लीटर ‘क्लीन-101’ का ऑर्डर दिया है। 

एसपी अंकित गोयल ने बताया कि इन पूर्व नक्सल महिलाओं को वर्धा में प्रशिक्षण दिया गया था। हाल ही में लांच ‘क्लीन-101’ इनका पहला उत्पाद है। इसे मिल रहे शुरुआती बिक्री ऑर्डर उत्साहित करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि दूरदराज के नक्सल प्रभावित इलाकों ईटापल्ली, हैदरी और धनौरा तहसील के गांवों के 41 किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें 19 से 28 नवंबर तक राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों और नवोचार केंद्रों के मुफ्त दौरे पर भेजा गया है। 
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इससे पहले 13 नवंबर को गढ़चिरौली जिले में पुलिस के सी-60 कमांडो के साथ हुई मुठभेड़ में कुख्यात मिलिंद तेलतुंबडे समेत 26 नक्सली मारे गए थे। पास के जंगल से ही एक और नक्सली का शव मिला था।

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