महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में विधानसभा के चुनाव होने है। जिसको लेकर महाराष्ट्र की सियासत में जबरदस्त गर्माहट देखने को मिल रही है। वहीं सोमवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक की, जिसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई समस्या नहीं है और भाजपा की भयानक रणनीति को मात देते हुए महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी बता दें कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, पटोले, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार और वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट खड़गे शामिल हुए।
नाना पलोले का दावा
बैठक के बाद सीट बंटवारे को लेकर लगातार पूछे जा रहे सवाल का जवाब देते हुए राज्य पार्टी प्रमुख ने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर कोई समस्या नहीं है। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सभी 288 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम अपने गठबंधन, महा विकास अघाड़ी के साथ आगे बढ़ेंगे। हम भाजपा की सभी भयानक रणनीति को मात देंगे, जिसका वह अपनी राजनीति में इस्तेमाल करती है और महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार बनाएगी।
एमवीए का सरकार के खिलाफ आरोपनामा
महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ विपक्षी एमवीए ने रविवार को एक दस्तावेज जारी किया, जिसे गद्दारंचा पंचनामा (देशद्रोहियों का साक्ष्य रिकॉर्ड) कहते हुए महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और उस पर पड़ोसी गुजरात के पक्ष में राज्य को धोखा देने का आरोप लगाया। जिसको लेकर एमवीए नेताओं ने कहा कि गद्दारंचा पंचनामा में राज्य सरकार के विधायकों और पार्षदों की खरीद, सरकारी अधिकारियों के तबादले, सरकारी नौकरियों में भर्ती के साथ-साथ मुंबई में धारावी पुनर्विकास परियोजना, सड़क कंक्रीटीकरण और निविदाओं में घोटाले सूचीबद्ध हैं।
जयराम रमेश ने लगाया था आरोप
कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने इस आरोप नामा को लेकर कहा था कि आज महा विकास अघाड़ी ने महायुति सरकार के खिलाफ एक आरोपपत्र जारी किया है, जिसका शीर्षक गद्दारंचा पंचनामा है। यह एक ऐसी सरकार है जो विश्वासघात पर बनी है, जिसने महाराष्ट्र के हितों को बेशर्मी से बेच दिया है और जिसने खुद छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों और विरासत को कलंकित किया है। उन्होंने कहा था कि यह एक ऐसी सरकार है जो अपने अंतिम चरण में है। इसके जाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।