फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र फोन टैपिंग: मंत्री नवाब मलिक बोले, रश्मि शुक्ला ने राज्य सरकार को गुमराह किया था

Thu, 29 Jul 2021 10:21 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

इस साल की शुरुआत में भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक पत्र का उल्लेख किया था जो कथित तौर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने तत्कालीन डीजीपी को पुलिस तबादलों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर लिखा था। इस पत्र में टैप की गई फोन कॉल का विवरण भी था। इसके विरोध में शिवसेना के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कहा था कि शुक्ला ने ये फोन बिना अनुमति के टैप किए थे।
विज्ञापन
एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने गुरुवार को कहा कि आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने फोन टैपिंग की अनुमति मांगते समय सरकार को गुमराह किया था। बता दें कि एक दिन पहले यानी बुधवार को रश्मि शुक्ला ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया था कि महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें पिछले साल पुलिस तबादले और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की पुष्टि करने के लिए कुछ फोन नंबरों को इंटरसेप्ट करने की अनुमति दी थी। 

विज्ञापन


समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एनसीपी नेता मलिक ने कहा कि शुक्ला ने फोन टैप करने की अनुमति मांगने के लिए देशद्रोह का हवाला दिया था। उन्होंने आगे कहा कि यह अनुमति सरकार को गुमराह करते प्राप्त की गई थी। बता दें कि रश्मि शुक्ला 1988 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वहीं, इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री ने दावा किया था कि रश्मि शुक्ला के भाजपा के साथ करीबी संपर्क हैं।

नवाब मलिक ने कहा, उन्होंने फोन टैपिंग की अनुमति देशद्रोह और राष्ट्र हित का हवाला देते हुए मांगी थी, लेकिन इसके स्थान पर उन्होंने (भाजपा के) राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के फोन कॉल टैप किए। वहीं, शुक्ला के अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया था कि जब वह राज्य खुफिया विभाग की प्रमुख थीं, तब महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने उन्हें कुछ फोन नंबरों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया था। 
विज्ञापन


अदालत रश्मि शुक्ला की ओर से दाखिल एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मुंबई पुलिस की साइबर सेल द्वारा शुक्ला के खिलाफ अवैध फोन टैपिंग और कथित तौर पर संवेदनशील दस्तावेजों को लीक करने के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर को चुनौती दी गई है। शुक्ला ने पहले कहा था कि पिछले साल कमिश्नर (राज्य इंटेलिजेंस) रहते हुए उन्हें मनचाही नियुक्ति और तबादलों को लेकर नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार की सूचना मिली थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें