इस साल मई में, कुरैशी ने महिला से कहा कि वह पहले से ही शादीशुदा है और उसके चार बच्चे भी हैं। साथ ही यह भी कहा कि अगर उन्होंने अपना रिश्ता जारी रखा तो वह पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा खो देगा। इसके बाद आरोपी ने उसे तीन तलाक दे दिया।
महाराष्ट्र के ठाणे में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि सिराज कुरैशी नाम के आदमी ने उससे अपनी असली पहचान छिपाकर शादी की और फिर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं बाद में आरोपी पति ने उसे तीन तलाक भी दे दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, हालांकि आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान भिवंडी निवासी राजू उर्फ सिराज कुरैशी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में महिला ने बताया है कि वह साल 2018 में अपने अपने पति से अलग हो गई थी और अकेले ही अपनी और अपनी सात साल की बेटी की देखभाल कर रही थी। साल 2019 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी आरोपी से दोस्ती हुई। आरोपी ने खुद को राजू बताते हुए उससे शादी का प्रस्ताव भी रखा। साथ ही यह भी बताया कि उसका भिवंडी में एक होटल है। इसके अगले साल यानी 2020 में आरोपी ने एक लॉज में पीड़िता के साथ कथित तौर पर बलात्कार भी किया। हालांकि, उसी साल 26 जनवरी को उसने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार महिला से शादी की।
शादी के एक साल बाद आरोपी ने अपनी असली पहचान सिराज कुरैशी बताई। साथ ही उसने महिला को धमकी देते हुए कहा कि अगर वह उसके साथ रहना चाहती है तो वह इस्लाम कबूल कर ले। एफआईआर में कहा गया है कि महिला ने उसकी बात मानते हुए इस्लाम स्वीकार लिया। और दोनों ने बीती मई में इस्लामिक रीति-रिवाज के अनुसार दोबारा शादी की।
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पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि इस साल मई में, कुरैशी ने महिला से कहा कि वह पहले से ही शादीशुदा है और उसके चार बच्चे भी हैं। साथ ही यह भी कहा कि अगर उन्होंने अपना रिश्ता जारी रखा तो वह पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा खो देगा। इसके बाद आरोपी ने उसे तीन तलाक दे दिया।
अब महिला ने पुलिस से संपर्क किया है और आरोपी कुरैशी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करना), 376 (बलात्कार के लिए सजा), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए सजा) और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत मामला दर्ज कराया है।