महाराष्ट्र लोकायुक्त विधेयक 2022 सोमवार को विधानसभा में पेश किया गया। इस विधेयक में मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को भ्रष्टाचार रोधी लोकपाल के दायरे में लाने का प्रावधान है। विधेयक के अनुसार, लोकायुक्त को मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई जांच शुरू करने से पहले विधानसभा की मंजूरी लेनी होगी और सदन के सत्र से पहले प्रस्ताव लाना होगा। विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक, ऐसे प्रस्ताव को महाराष्ट्र विधानसभा के कुल सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों की मंजूरी जरूरी होगी।
विधेयक में यह भी कहा गया है कि लोकायुक्त मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप से जुड़े ऐसे मामलों की जांच नहीं करेगा, जो आंतरिक सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित होंगे। यह भी प्रावधान है कि इस तरह की कोई भी जांच गुप्त रखी जाएगी और अगर लोकायुक्त इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि शिकायत खारिज करने लायक है, तो जांच के रिकॉर्ड प्रकाशित नहीं किए जाएंगे या किसी को उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे।
प्रावधान के मुताबिक, लोकायुक्त में एक अध्यक्ष होगा, जो हाईकोर्ट का वर्तमान या पूर्व मुख्य न्यायाधीश होगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट या बॉम्बे हाईकोर्ट का एक न्यायाधीश होगा। लोकायुक्त में अधिकतम चार सदस्य होंगे, जिनमें से दो न्यायपालिका से होंगे।
चयन समिति में शामिल होंगे ये लोग
लोकायुक्त अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए चयन समिति में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद अध्यक्ष, विधानसभा और परिषद में विपक्ष के नेता और बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या चीफ जस्टिस द्वारा मनोनीत न्यायाधीश शामिल होंगे। विधानसभा में पेश किए गए विधेयक में कहा गया है कि चयन समिति में किसी की गैरमौजूदगी होने पर लोकायुक्त अध्यक्ष या सदस्य की कोई भी नियुक्ति अवैध नहीं होगी।
महाराष्ट्र कैबिनेट ने अन्ना हजारे कमेटी की रिपोर्ट को दी थी मंजूरी
बीते 18 दिसंबर को महाराष्ट्र कैबिनेट ने लोकायुक्त बिल से संबंधित मसौदे को मंजूरी दी थी। कैबिनेट की बैठक में लोकपाल की तर्ज पर महाराष्ट्र में लोकायुक्त शुरू करने की अन्ना हजारे कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी दी गई थी। तब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सीएम और कैबिनेट को लोकायुक्त के दायरे में लाया जाएगा। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम को इस कानून का हिस्सा बनाया जाएगा। इस मामले पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा था कि हम महाराष्ट्र को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगे, इसलिए हमने राज्य में लोकायुक्त कानून लाने का फैसला किया है।