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Language Dispute: महाराष्ट्र के स्कूलों में अब कोई भी भारतीय भाषा तीसरा विकल्प; विवाद पर CM फडणवीस का आश्वासन

Wed, 18 Jun 2025 03:29 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे / मुंबई।

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में भाषा को लेकर उपजे विवाद के बीच कहा है कि राज्य के स्कूलों में अब कोई भी भारतीय भाषा तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकती है। सरकार ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई करने की अनिवार्यता और बाध्यता हटा दी है।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के स्कूलों में तीसरी भाषा को लेकर उपजे ऊहापोह के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरी तस्वीर साफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की महायुति सरकार ने छात्रों के लिए हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य बनाने की बाध्यता हटा दी है। अब प्रदेश के स्कूलों में कोई भी भारतीय भाषा तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकती है। उन्होंने पुणे जिले के देहू में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, पहले हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य किया गया था, लेकिन अब वह नियम हटा लिया गया है।

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अंग्रेजी की होड़ में भारतीय भाषाओं की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए
फडणवीस ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत तीन-भाषा फार्मूले को अपनाया गया है। इसमें मातृभाषा के साथ दो अन्य भाषाएं भी पढ़ाई जाती हैं। इनमें से एक भारतीय भाषा होनी चाहिए। आमतौर पर छात्र अंग्रेजी भाषा चुनते हैं। अब तीसरी भाषा को लेकर भी लचीला रूख अपनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजी को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में भारतीय भाषाओं की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। अब महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग, एमबीए और चिकित्सा शिक्षा मराठी भाषा में दी जा रही है। ऐसा करने से मराठी "ज्ञान और अर्थव्यवस्था की भाषा" के रूप में भी सामने आ रही है।

भाषा को लेकर विवाद करने की कोई जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार के तीन भाषा फॉर्मूले के खिलाफ अदालत गई थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। उन्होंने सवाल किया कि किसी तीसरी भारतीय भाषा को सीखने में आपत्ति क्या है? उन्होंने यह भी कहा कि भाषा को लेकर सरकार का फैसला बच्चों की मानसिक और बौद्धिक क्षमता के विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और भाषा को लेकर विवाद करने की कोई जरूरत नहीं है।
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केंद्र सरकार की नीति है, पूरे देश में लागू कर रही राज्य सरकारें
बता दें कि राज ठाकरे और कुछ मराठी संगठनों ने सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। इसे फडणवीस ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद राज ठाकरे से बात कर चुके हैं। उन्हें समझाया है कि केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की सलाह से तीन-भाषा फॉर्मूला लागू किया है, जिसे पूरे देश में अपनाया जा रहा है।
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क्या है महाराष्ट्र सरकार का भाषा को लेकर नया आदेश
इससे पहले बुधवार को महाराष्ट्र सरकार का एक सरकारी आदेश सामने आया। इसके मुताबिक अब राज्य के स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा। यदि कोई छात्र किसी अन्य भाषा को सीखना चाहता है, तो स्कूल को कम से कम 20 इच्छुक छात्रों की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली तीन दलों की गठबंधन सरकार ने जो नवीनतम गवर्नमेंट रिजोल्यूशन (GR) जारी किया है, इस सरकारी आदेश के मुताबिक राज्य पाठ्यक्रम रूपरेखा स्कूल शिक्षा 2024 के अनुसार, अब से कक्षा 1 से 5 तक मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी अनिवार्य होगी। अन्य माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीन भाषाएं मराठी, अंग्रेजी और हिंदी पढ़ाई जाएगी। कक्षा 6 से 10 के लिए भाषा नीति राज्य पाठ्यक्रम रूपरेखा-स्कूल शिक्षा के अनुसार होगी। 

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