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महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण का समर्थन न करने वालों पर भड़के जरांगे, कहा- चुनाव में चुकानी पड़ेगी कीमत

Thu, 11 Jul 2024 11:14 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर

सार

मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि मराठों की मांग का विरोध करने वालों को आगामी विधानसभा चुनाव में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। 
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मनोज जरांगे - फोटो : ANI
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विस्तार
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मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार से आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मराठा समुदाय को आरक्षण देने की बात कही। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि मराठों की मांग का विरोध करने वालों को आगामी विधानसभा चुनाव में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। 
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पिछले दिनों मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने आरक्षण को लेकर अनशन किया था। अब गुरुवार को मनोज जरांगे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय मराठा समुदाय को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग का विरोध करने वालों को आगामी विधानसभा चुनावों में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बता दें कि शिवसेना-भाजपा-राकांपा सरकार ने हाल ही में मराठा आरक्षण मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन विपक्ष ने यह कहते हुए इसका बहिष्कार किया कि इस मुद्दे पर पहले विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए।

बीड में एक रैली में मनोज जरांगे ने कहा, "विपक्ष को बैठक में मराठा आरक्षण की मांग करनी चाहिए थी। उन्हें आरोप-प्रत्यारोप का खेल न खेलकर आरक्षण देना चाहिए था। उन्होंने कहा, "सरकार आरक्षण देना नहीं चाहती। मुझे संदेह है कि सरकार और विपक्षी दल एक ही बात पर अड़े हुए हैं। लोगों को हमारे नेताओं से आरक्षण मांगने के लिए कहना चाहिए, वरना उन्हें वोट मांगने नहीं आना चाहिए।"
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मनोज ने मंत्री गिरीश महाजन पर भी निशाना साधते हुए लोगों को मूर्ख बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "अब वे कहते हैं कि 'सेज-सोयारे' खंड पहले की अधिसूचना में टिकाऊ नहीं था। अगर ऐसा है, तो ओबीसी नेता और वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल क्यों इसे खत्म करने की मांग क्यों कर रहे हैं?  अन्य पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ता ने क्यों आंदोलन किया?" 

बता दें कि इस साल की शुरुआत में सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में सेज-सोयारे खंड में कहा गया था कि अगर कोई मराठा व्यक्ति दस्तावेज पेश करके यह साबित कर देता है कि वह कुनबी है, तो उस व्यक्ति के रक्त संबंधियों 'सेज-सोयारे' को भी कुनबी के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। उन्हें ओबीसी श्रेणी में कोटा मिलना चाहिए। कुनबी, एक कृषि समुदाय है, जिसे ओबीसी का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि मराठा समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, उन्होंने कहा कि वे खुद की रक्षा करना जानते हैं।

मराठा आरक्षण के खिलाफ जाने वालों को खुली चेतावनी
मनोज जरांगे ने कहा कि हमारे माता-पिता ने हमें सिखाया है कि खुद की रक्षा कैसे करनी है। हम क्षत्रिय मराठा हैं, लेकिन हम शांति चाहते हैं। हम विधानसभा चुनाव में मराठों के खिलाफ जाने वाले सभी लोगों को हराएंगे। मराठा समुदाय को परेशान करने वाले एक भी व्यक्ति को नहीं चुना जाना चाहिए," उन्होंने कहा, साथ ही कहा कि समुदाय को एकमत होकर मतदान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी मराठा समुदाय के दुश्मन नहीं हैं। "हमारे दुश्मन छगन भुजबल हैं, क्योंकि वे सभी मराठों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने का विरोध करने वालों के नेता हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार मराठा समुदाय की मांगों को नहीं सुनती है, तो वह मुंबई सत्ता खो देगी और हम मुंबई में होंगे। उन्होंने कहा कि मैं आपको उन नेताओं के नाम बताऊंगा, जिन्हें चुनाव में गिराया जाना है। हमें किसी दिन बदलाव करना होगा।
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