महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक अजीबोगरीब घटना समाने आया है। जहां एक आरोपी ने 23 लाख रुपये की फिरौती के चक्कर में एक नौ साल के बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 23 लाख की फिरौती अपना घर बनाने के लिए मांगी थी। सोमवार को पुलिस ने मामले की जानकारी दी।
आरोपी फिरौती की रकम से बनाना चाहता था मकान- पुलिस
घटना से जुड़ी जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा कि अपहरणकर्ता ने लड़के के परिवार को फोन किया और उसे रिहा करने के लिए 23 लाख रुपये की मांग की। इस दौरान उसने लड़के के परिजनों से कहा कि वह अपना खुद का घर बनाना चाहता है इसलिए उसे पैसे की जरूरत है, हालांकि यह कहते हुए अपहरणकर्ता ने अचानक फोन कॉट दिया। मामले की छानबीन करने के बाद पता चला कि लड़के की हत्या कर दी गई है।
फिरौती के चक्कर में नौ साल के बच्चे को उतारा मौत के घाट
पुलिस अधिकारी ने कहा कि रविवार को मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई, लेकिन अपहरणकर्ता का कुछ पता नहीं चला। हालांकि सोमवार दोपहर को बच्चे का शव एक ग्रामीण के घर में एक बोरे में छिपा मिला। अभी स्पष्ट नहीं है कि पकड़ा गया आरोपी ग्रामीण है या कोई ओर। बदलापुर पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक गोविंद पाटिल ने कहा कि पुलिस ने हत्या, अपहरण समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी ठाणे जिले के बादलपुर के गोरेगांव गांव के उसी इलाके का रहने वाला एक दर्जी है।
अपराध
- फोटो : अमर उजाला
किडनैप की गई पांच साल की बच्ची को बचाया, चार महिलाएं गिरफ्तार
इस बीच, दूसरी घटना में महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई से किडनैप की गई पांच साल की बच्ची को 12 घंटे के भीतर ठाणे से बचा लिया है। पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि इस घटना में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि बच्ची का अपहरण कथित तौर पर बेचने के इरादे से किया गया था। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई ने बच्ची को महज 12 घंटे के भीतर ही अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया है।
पैसे के चक्कर में बच्ची को बेचने की बनाई योजना- पुलिस
पुलिस ने मामले के जानकारी देते हुए कहा कि पकड़ी गई चार पकड़ी गई महिलाओं में दो सीधे तौर पर अपहरण में शामिल थी। ठाणे शहर से सटे बालकुम इलाके से गिरफ्तार किया गया। बच्ची को बचाने के बाद उसके परिवार को सौंप दिया गया है। आरोपी महिलाओं ने पैसे कमाने के चक्कर में बच्ची को बेचने की योजना बनाई थी। अधिकारी ने बताया कि मुंबई से अपहरण के बाद बच्चे को ठाणे में रहने वाली चार महिलाओं में से दो के पास रखा गया था। यह घटना रविवार शाम की है, जब बच्ची होली मनाने के लिए गुब्बारे खरीदने निकली थी। उन्होंने बताया कि जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटी तो उसके माता-पिता चिंतित हो गए और अपनी बेटी की तलाश शुरू कर दी। उपनगरीय भांडुप इलाके के कुछ निवासियों ने लड़की को दो महिलाओं के साथ एक ऑटो-रिक्शा में जाते देखा। अधिकारी ने कहा कि उनमें से एक, जिसकी पहचान बाद में खुशबू गुप्ता के रूप में हुई, उसी इलाके में रहती है।