कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा जूझ रहे महाराष्ट्र में करीब साढ़े तीन महीने के बाद बुधवार से होटल और लॉज खुल गए। लेकिन साईं बाबा की नगरी शिर्डी में होटल बंद रखे गए हैं। यहां के होटल मालिकों का कहना है कि जब तक साईं बाबा का मंदिर नहीं खुलेगा, तब तक होटल खोलने का कोई लाभ नहीं है।
महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार ने 33 प्रतिशत स्टाफ के साथ होटल और लॉज खोलने की अनुमति दी है। इसके साथ ही, होटल में ठहरने वालों के लिए गाइडलाइन भी तय की गई है। शिर्डी के स्थानीय नेता तुषार बोनकर ने बताया कि शिर्डी का व्यवसाय साईं बाबा के मंदिर पर निर्भर है।
कोरोना संक्रमण से पहले बाबा के जन्मस्थान पाथरी को लेकर शुरू हुए विवाद के दौरान भी शिर्डी बंद था। इसके बाद लॉकडाउन के चलते साढ़े तीन महीने से यहां की आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हैं। इससे शिर्डी का अर्थशास्त्र पूरी तरह से गड़बड़ हो गया है।
जब तक साईं बाबा का मंदिर नहीं खुल जाता तब तक होटल खुलने की उम्मीद नहीं है। होटल प्रबंधक मार्क जैकब उर्फ पंडित ने बताया कि शिर्डी परिसर के 25 गांवों के हजारों परिवार साईं बाबा मंदिर पर आश्रित हैं। इसलिए मंदिर बंद होने से उनका भी व्यवसाय चौपट हो गया है।
शिर्डी में एक साथ ठहर सकते हैं 50 हजार श्रद्धालु
शिर्डी में श्रीसाईं संस्थान के भक्त निवास के अलावा करीब साढ़े सात हजार होटल हैं। जहां 50 हजार लोग ठहर सकते हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि कुल क्षमता के 33 फीसदी ग्राहकों को होटल में ठहराया जा सकता है। इसके तहत शिर्डी में 15 से 16 हजार लोग एक साथ शिर्डी के होटलों में ठहर सकते हैं।