फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: पालघर में मंत्री ने सड़कों का किया निरीक्षण; लातूर में गांजा रखने के आरोप में चार पर केस दर्ज

Sun, 02 Aug 2026 08:23 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
विज्ञापन
महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेज से बैंक खाते खोलने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह साइबर धोखेबाजों को ऑनलाइन घोटालों की आय भेजने के लिए खाते का विवरण देता था। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस मामले में सरगना सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी कंपनी दस्तावेज और बैंक संबंधी कागजात जब्त किए। गिरोह द्वारा खोले गए इन बैंक खातों का उपयोग देश भर में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े करोड़ों रुपये के लेनदेन के लिए किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में सलमान हबीब पठान, साजिद निसार अहमद कोठावाला, चिराग केतन तोपरानी, राकेश रामाशंकर मिश्रा, रक्षित के राजेंद्र हेगड़े, सैयद वजाहत वहीउद्दीन और आर्यन रितेश ठक्कर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पठान ने एक नेटवर्क बनाया था जिसके सदस्य विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर साइबर धोखेबाजों को जानकारी देते थे। ऑनलाइन घोटालों से मिली रकम इन खातों में जमा होती थी, फिर धोखेबाजों को हस्तांतरित की जाती थी।

विज्ञापन


कैसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश?
शहर की साइबर सेल ने 29 जुलाई को बोरीवली में पठान, कोठावाला और तोपरानी को हिरासत में लिया। उनके पास से 10 लाख रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। पठान मीरा रोड में एक निजी कार्यालय चलाता था। पुलिस ने भायंदर और मीरा रोड में छापे मारे, जहां से चार अन्य आरोपी वहीउद्दीन, मिश्रा, हेगड़े और ठक्कर हिरासत में लिए गए। गिरोह ने दादर, माहिम, बोरीवली और मीरा रोड में एक ही बैंक की शाखाओं में 27 से अधिक खाते फर्जी आधार, पैन और जाली कंपनी दस्तावेज से खोले थे। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने इन खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन की पुष्टि की, जिसके बाद सभी पहचान किए गए बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए।

शेतकारी कामगार पार्टी की स्थापना दिवस पर कार्यक्रम
महाराष्ट्र के रायगढ़ में शेतकारी कामगार पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में विपक्ष के वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। इस कार्यक्रम की शुरुआत नीट पेपर लीक मामले से जुड़े छात्रों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इस दौरान मंच पर माओत्से तुंग की फूलों से सजी तस्वीर ने सबका ध्यान खींचा।
 

पालघर में बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण, PWD मंत्री ने दिए निर्देश
महाराष्ट्र के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री शिवेंद्रसिंह भोंसले ने पालघर जिले में हाल की भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद मंत्री ने समीक्षा बैठक की, जिसमें बारिश से हुए नुकसान, सड़क परियोजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और मरम्मत की योजना पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, तय समय पर काम पूरा किया जाए और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पालघर में बेहतर सड़क ढांचा विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

लातूर में गांजा रखने के आरोप में चार लोगों पर मामला दर्ज
महाराष्ट्र के लातूर जिले में पुलिस ने गांजा रखने और उसका सेवन करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई को जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान विवेकानंद चौक पुलिस ने कुश्ठधाम-सरोला रोड के पास खुले स्थान पर चार लोगों को नशा करते हुए पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से गांजा बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान योगेश गायकवाड़, सचिन राठौड़, दिलीप सोनकांबले और रणवीर बालासाहेब देशमुख के रूप में हुई है। चारों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और सेवन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
 
विज्ञापन

टीसीएस यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में पांच आरोपियों को जमानत
महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले में पांच आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि मामले की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जांच लगभग पूरी हो गई है। अदालत ने माना कि आरोपियों के रिहा होने से गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है। आरोपियों को हर शनिवार पुलिस थाने में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्हें पीड़िता, गवाहों और उसके कार्यस्थल या घर के आसपास जाने से भी रोक दिया गया है। TCS ने कहा है कि कंपनी उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें