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महाराष्ट्रः एनसीपी में शामिल होने से पहले अंजलि दमानिया के निशाने पर आए खडसे

Thu, 22 Oct 2020 07:56 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

गुरुवार को मुंबई मराठी पत्रकार संघ हाल में पत्रकारों से बातचीत में दमानिया ने कहा कि बुधवार को जब एकनाथ खडसे ने भाजपा छोड़ने का ऐलान किया, तब मेरा नाम लेकर कहा कि मुझ पर झूठा आरोप लगाया गया था...
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एकनाथ खड़से - फोटो : ANI (File)
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महाराष्ट्र के भाजपा के बड़े नेता रहे एकनाथ खडसे के एनसीपी में शामिल होने से पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के निशाने पर आ गए हैं। दमानिया ने गुरुवार को उन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खडसे ने यदि मेरे खिलाफ अब मीडिया में कुछ बोला और आरोप लगाया तो मैं उन्हें अदालत में घसीटूंगी। मैं बिल्कुल सहन नहीं करूंगी।

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गुरुवार को मुंबई मराठी पत्रकार संघ हाल में पत्रकारों से बातचीत में दमानिया ने कहा कि बुधवार को जब एकनाथ खडसे ने भाजपा छोड़ने का ऐलान किया, तब मेरा नाम लेकर कहा कि मुझ पर झूठा आरोप लगाया गया था। लेकिन अब कोई केस नहीं है। दमानिया ने कहा कि आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मैंने खडसे के खिलाफ धारा 509 के तहत मामला दर्ज कराया था। इस मामले में अभी चार्जशीट दायर नहीं हुई है, लेकिन खडसे ने बुधवार को झूठ बोला था कि यह मामला खत्म हो चुका है। मेरा एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से सवाल है कि क्या वे ऐसी गंदगी को पार्टी में शामिल करेंगे?

फडणवीस ने नहीं की थी मेरी मदद

दमानिया ने कहा कि मैंने खडसे के खिलाफ अपने दम पर मामला दर्ज करवाया था। इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कोई भूमिका नहीं थी। मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसका कारण केवल फडणवीस हैं। फडणवीस को मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी सुविधा के अनुसार राजनीति करनी थी। अंजलि दमानिया आम आदमी पार्टी मुंबई की पूर्व नेता रह चुकी हैं। अंजलि ने ही भूखंड घोटाले में खडसे के खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके काऱण खडसे को मंत्रीपद से इस्तीफा देना पड़ा था।

खडसे ने कहा था, दमानिया के दबाव में फडणवीस ने दर्ज कराया था मामला     

बुधवार को जलगांव में खडसे ने कहा था कि दमानिया के दबाव में आकर तत्कालीन मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुलिस को मेरे खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। पूछने पर तब फडणवीस ने मुझसे कहा कि दमानिया पुलिस स्टेशन में हंगामा कर रही थीं। इस पर दमानिया ने कहा कि खडसे यदि अमृता फडणवीस के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते तो क्या तब भी फडणवीस ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते। इस पर फडणवीस को स्पष्टीकरण देना चाहिए। दमानिया ने कहा कि खडसे ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। खडसे ने राज्य के छह जिलों में 32 मानहानि के मुकदमे दर्ज करवाएं हैं। 

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