महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक नदी के किनारे से एक ही परिवार के सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं। मृतकों में तीन बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शव एक बुजुर्ग दंपति उनके बेटी-दामाद और तीन नाती-नातिनों का हैं।
पुणे शहर से 45 किमी दूर दौंड तहसील के यवत गांव में भीमा नदी स्थित पारगांव पुल के पास सोमवार को चार और मंगलवार को तीन शव बरामद किए गए। सभी शव एक दूसरे से 200 से 300 मीटर की दूरी पर पड़े थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को कहा, मामले की जांच से संकेत मिले हैं कि एक आरोपी के बेटे की मौत से जुड़ी पिछली घटना को लेकर उनके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर उनकी हत्या की थी।
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान मोहन पवार (45 वर्षीय), उनकी पत्नी संगीता मोहन (40 वर्षीय), उनकी बेटी रानी फुलवारे (24 वर्षीय), दामाद श्याम फुलवारे (28 वर्षीय) और 3-7 साल के बीच तीन बच्चों के रूप में हुई है। वे पुणे जिले की डुआंद तहसील में पारगांव पुल के पास भीमा नदी के तल में मृत पाए गए थे।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पांच भाई-बहनों अशोक कल्याण पवार, श्याम कल्याण पवार, शंकर कल्याण पवार, प्रकाश कल्याण पवार और कांताबाई सरजेराव जाधव को गिरफ्तार किया है, जो मृतक मोहन पवार के चचेरे भाई हैं।
पुणे के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अंकित गोयल ने कहा कि जांच के दौरान कुछ तथ्य सामने आए जिससे संकेत मिलता है कि सभी मृतकों की हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह समझा जा रहा है कि आरोपी अशोक पवार के बेटे धनंजय पवार की कुछ महीने पहले एक दुर्घटना में मौत हो गई थी और इससे संबंधित एक मामला पुणे शहर में दर्ज किया गया था।
उन्होंने कहा, 'प्रथम दृष्टया जांच से संकेत मिलता है कि अशोक गुस्से में था और उसने धनंजय की मौत के लिए मोहन के बेटे को जिम्मेदार ठहराया। अशोक के बेटे की मौत का बदला लेने के लिए इन सात लोगों की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों को अहमदनगर जिले की पारनेर तहसील से पकड़ा गया और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया।
अधिकारी ने कहा, उन्हें (आरोपियों को) अदालत में पेश किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।