कोरोनाकाल में महाराष्ट्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के नहीं खोले जाने को लेकर सियासत गर्म है। विपक्ष सरकार पर जान बुझकर धार्मिक स्थलों को नहीं खोलने का आरोप लगा रहा है तो वहीं, प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्दनेजर नहीं खोलने की बात कह रही है। इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज खुद ही इस पर सफाई दी है। मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर तैयार रहने को कहा है। जन्माष्टमी पर दही हांडी का कार्यक्रम हो या फिर गणेशोत्सव पर भीड़ एकत्रित नहीं करने का मामला। किसी तरह के कार्यक्रम में भीड़ नहीं जुटानी है। जो लोग इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उन्हें मैं केंद्र की ओर से जारी पत्र दिखा सकता हूं।
मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने इस दौरान विपक्षी दल भाजपा पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि भीड़ जुटने वाले कार्यक्रम हों, जिससे आम लोगों का जीवन खतरे में पड़े, लेकिन प्रदेश सरकार ऐसा कोई आयोजन नहीं करने जा रही है।
कोविड -19 के कारण मंदिरों को रखा गया है बंद
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में महा विकास वाली सरकार के मंदिरों को खोलने की अनुमति नहीं देने के विरोध में विपक्षी दल भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राज्य के कई शहरों में प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द से जल्द मंदिर खोलने की मांग की। राज्य सरकार ने कोविड-19 प्रतिबंध के कारण मंदिरों को बंद कर रखा है।
कोरोना के दैनिक मामलों में उछाल
बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना की रफ्तार फिर से तेज हो गई है। कोरोना के दैनिक मामलों में अचानक से इजाफा हुआ है। एक दिन में पांच हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, वहीं, डेढ़ से अधिक लोगों की मौत हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो सितंबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है। इसे देखते हुए केंद्र ने सभी राज्यों को अलर्ट रहने और इससे निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर मनसे नेता अखिल चित्रे की ओर से दही हांडी फोड़ने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। अभी तक मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग थानों में नौ मामले दर्ज हो चुके हैं। दही हांडी कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगने के बावजूद मनसे कार्यकर्ताओं पर आयोजन करने का आरोप है।
राज ठाकरे ने उद्धव सरकार पर साधा निशाना
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने लोगों को दही हांडी और अन्य त्योहारों को मनाने की अनुमति नहीं देने को लेकर उद्धव सरकार पर निशाना साधा है। राज ठाकरे ने कहा कि सरकार कुछ लोगों को कोरोना के प्रतिबंधों में ढील देती है, लेकिन हिंदुओं को त्योहार मनाने पर प्रतिबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि महा विकास अघाड़ी सरकार कोरोना की आड़ में अपना स्वार्थसिद्ध कर रही है।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि भाजपा के मंत्री 'जन आशीर्वाद यात्रा' आयोजित कर सकते हैं, शिवसेना विधायक भास्कर जाधव के बेटे रत्नागिरी के एक मंदिर में पूजा कर सकते हैं, लेकिन बाकी लोग त्योहार नहीं मना सकते हैं। बता दें कि वर्ली इलाके में दही हांडी कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर पुलिस ने मनसे के चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोविड-19 मानदंडों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है। इसके अलावा संदीप देशपांडे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अभी तीसरी लहर की शुरुआत नहीं- बीएमसी
इधर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कहा कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि मुंबई में कोविड-19 पॉजिटिविटी रेट 1% के करीब है। रोजना 300 से 450 तक के आंकड़े बढ़ रहे हैं। टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही उन इलाकों को पूरी तरह से खोला गया है जहां टीकाकरण का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, उन्होंने तीसरी लहर की शुरुआत होने के सवाल पर कहा कि यह कहना अभी जल्दीबाजी होगी, लेकिन महानगरपालिका ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। बीएमसी ने 4 कैटेगरी में 1 लाख बेड तैयार किए हैं। साथ ही ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली को भी अपडेट किया गया है।