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मराठा समुदाय को स्वतंत्र आरक्षण का रास्ता साफ, फडणवीस कैबिनेट ने बिल को दी हरी झंडी

Sun, 18 Nov 2018 07:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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cm devendra fadnavis
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महाराष्ट्र सरकार ने आज एसईबीसी में मराठा समुदाय को स्वतंत्र आरक्षण देने का रास्ता साफ कर दिया है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमें पिछड़ा वर्ग आयोग की तीन सिफारिशें एक साथ मिली थीं। जिसपर विचार के बाद मराठा समुदाय को स्वतंत्र आरक्षण देने का फैसला लिया गया है। फडणवीस ने कहा कि हमने सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। और उन्हें लागू करने के लिए वैधानिक कदम उठाने के लिए एक कैबिनेट उप-समीति गठित की है। 
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बता दें कि फडणवीस कैबिनेट ने मराठा आरक्षण के लिए बिल को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब राज्य में मराठा आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। मालूम हो कि सीएम फडणवीस ने हाल ही में कहा था कि दिसंबर में जश्न मनाने की तैयारी कीजिए। 

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठा समाज को आरक्षण देने पर सहमति बन गई है। मराठा समुदाय को एसईबीसी के तहत से अलग से आरक्षण दिया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंप दी थी।
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बता दें कि इससे पहले पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्टतौर पर इसके संकेत दिये थे। सीएम फडणवीस ने गुरुवार को अहमदनगर रैली के दौरान कहा था कि हमें अल्पसंख्यक आयोग से मराठा आरक्षण पर रिपोर्ट मिली है। मैं आप सभी से निवोदन करता हूं कि 1 दिसंबर को जश्न मनाने के लिए तैयार रहें।'

इससे पहले, महाराष्ट्र के राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने फडणवीस सरकार को मराठा समुदाय के सामाजिक और आर्थिक हालात पर अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में मराठों को 16 फीसद आरक्षण देने की सिफारिश की गई। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि महाराष्ट्र में 30 प्रतिशत आबादी मराठों की है, इस वजह से उनको सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिये जाने की आवश्यकता है। 

सरकारी सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि मराठों को आरक्षण देने के दौरान ओबीसी कोटे में कोई बदलाव नहीं किया जाए। बता दें कि अगर सरकार इस आरक्षण को लागू कर देती है तो राज्य में सभी श्रेणी को मिलाकर कुल 68 फीसदी आरक्षण हो जाएगा, जबकि वर्तमान में राज्य में 52 प्रतिशत आरक्षण है।

सूत्रों के मुताबिक, आयोग के चेयरमैन जस्टिस (सेवानिवृत्त) एनजी गायकवाड़ राज्य के मुख्य सचिव डीके जैन को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं अकोला में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए सभी कानूनी औपचारिकताओं को नवंबर के अंत तक पूरा कर लेगी। 

उल्लेखनीय है कि यह समुदाय पिछले कुछ सालों से अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहा है। पिछले दिनों मराठा आंदोलन के दौरान काफी तोड़फोड़ देखने को मिली थी, जिसमें करोड़ों रूपयों का सरकारी नुकसान हुआ था। वहीं सरकारी नौकरियों तथा शिक्षण संस्थाओं में 16 फीसदी आरक्षण की मांग को कुछ लोगों के आत्महत्या करने के मामले भी सामने आ चुके हैं। 
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