महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक निजी बस में आग लगने से जलकर मरे 25 लोगों में से 24 का आज सामूहिक दाह संस्कार किया जाएगा। जबकि, पीड़ितों में से एक का शव दफनाने के लिए परिवार को सौंप दिया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि 26 लोगों में से अधिकतर बहुत ही बुरी तरह जल गए हैं, जिसकी वजह से उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। पीड़ितों का पता उनके परिवारों के डीएनए जांच से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, डीएनए प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगने वाला है। इसलिए आज शवों का सामूहिक दाह संस्कार करने का फैसला लिया गया है।
बुलढाणा के कलेक्टर एच पी तुम्मोड ने बताया कि आज 24 शवों का सामूहिक दाह संस्कार किया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। इसके अलावा, एक मृतक का शव दफनाने के लिए परिवार को सौंपा जाएगा। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, 25 मृतकों के परिवार के सदस्य बुलढाणा पहुंच गए हैं।
बता दें, महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में शनिवार तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बस में आग लगने से 26 यात्री जिंदा जल गए थे। यह हादसा नागपुर से पुणे के बीच समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुआ था। इस भयानक दुर्घटना में ड्राइवर और 'क्लीनर' सहित आठ लोग बच गए थे। वहीं, बस चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है।
आरटीओ की एक रिपोर्ट आई सामने
महाराष्ट्र के बुलढाणा में हुए दर्दनाक बस हादसे की वजह टायर फटना नहीं था, जैसा कि ड्राइवर ने पुलिस को बताया है। अमरावती के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने टायर फटने या तेज रफ्तार के चलते बस के पलटने की संभावना को खारिज कर दिया है। आरटीओ का कहना है कि घटनास्थल पर रबर के टुकड़े या टायर के कोई निशान नहीं मिले। घटना के प्रभाव का निशान व्हील डिस्क पर था, जो मुड़ा हुआ था।
ध्यान भटकना हो सकता है एक कारण