महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शरद पवार गुट के राकांपा नेता अनिल देशमुख ने बुधवार को कहा कि नागपुर में विधानभवन में राकांपा कार्यालय उनके गुट का है, न कि अजिज पवार गुट का। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अजित पवार गुट के नेताओं को निशाने पर लेते हुए विधानसभा के स्पीकर से उनके लिए अलग कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की है।
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इस साल दो जुलाई को राकांपा दो गुटों में बंट गई थी, जिसमें अजित पवार के साथ अन्य आठ विधायक राज्य सरकार में शामिल हो गए थे। पार्टी के इस बंटवारे के बाद ही पार्टी के नाम और चिन्ह को लेकर दोनों गुटों के बीच टकराव भी हुआ।
विधानसभा में जब विधानभवन में पार्टी कार्यालय को लेकर सवाल किया गया, तब अजित पवार गुट के नेता धरमराव बाबा अत्राम ने दावा किया कि पार्टी कार्यालय उनके गुट का है। इसपर शरद पवार गुट के नेता अनिल देशमुख ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी कार्यालय उनका ही रहेगा। पार्टी के कुछ सदस्य उन्हें छोड़कर चले गए, लेकिन इसके बावजूद पार्टी कार्यालय उनका ही रहेगा।