महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा कि उन्हें राज्यपाल चाहिए भाजपाल नहीं। साथ ही वो राष्ट्रपति से मिलकर राज्यपाल के इस्तीफे की मांग करेंगे। कांग्रेस की यह टिप्पणी शुक्रवार को आई है। वहीं, भाजपा ने नवाब मलिक के इस्तीफे को लेकर नारेबाजी की।
महाराष्ट्र में विपक्ष और सरकार दोनों ही धरने पर बैठे हुए हैं। एक ओर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए विवादित बायन के बाद से ही उनके खिलाफ महाविकास अघाडी सरकार का विरोध बंद नहीं हो रहा है। वहीं, भाजपा नवाब मलिक को पद से हटाने पर अड़ी हुई है। शुक्रवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा कि उन्हें राज्यपाल चाहिए भाजपाल नहीं। दोनों ओर से विधानसभा परिसर में जोरदार हंगामा चल रहा है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि हम राष्ट्रपति से मिलकर राज्यपाल के इस्तीफे की मांग करेंगे। हमें राज्यपाल चाहिए भाजपाल नहीं। कांग्रेस राज्यपाल की ओर से शिवाजी महाराज पर की गई टिप्पणी का विरोध कर रही है। गुरुवार को इस मुद्दे पर विरोध इस कदर बढ़ा कि बजट सत्र में राज्यपाल अपना भाषण पूरा किए बिना ही सदन से वापस लौट गए थे।
नवाब मलिक के इस्तीफे को लेकर भाजपा का प्रदर्शन
चार हफ्तों तक चलने वाले बजट सत्र की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई। भाजपा ने राज्य सरकार का विरोध जताया। शुक्रवार को भी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि जल्द मलिक को उनके पद से हटाया जाए। पिछले हफ्ते ही नवाब मलिक को ईडी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
क्या हुआ था विधानसभा में
गुरुवार को जब राज्यपाल ने अपना भाषण शुरू किया तो विरोधी पार्टी के नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। एक ओर जहां एमवीए के नेता शिवाजी महाराज परह की गई टिप्पणी का विरोध कर थे तो वहीं, भाजपा कार्यकर्ता नवाब मलिक को पद से हटाने की मांग कर रहे थे। इस सबके बीच राज्यपाल ने अपना भाषण देने बंद कर दिया और विधानसभा से बाहर जाकर अपनी आधिकारिक गाड़ी में बैठ गए।