सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा 56 इंच के सीने वाले हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बता दिया कि डबल इंजन की सरकार कैसे काम करती है। हमारी सरकार को अभी काम करते हुए मात्र 85 दिन हुए हैं। इन दिनों में केंद्र सरकार ने हमें कई बड़ी सौगातें दी हैं। आने वाले दिनों में लाखों करोड़ के प्रोजेक्ट मप्र पर बरसेंगे। रेल प्रोजेक्ट को लेकर सीएम ने कहा, इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट को मैं इंदौर से मनमाड़ नहीं देखता हूं। बल्कि मैं इसे उज्जैन से मुंबई तक जोड़कर देख रहा हूं। यह सिर्फ मध्यप्रदेश के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि देश के मध्य में होने से पूरे देश को इसका फायदा मिलेगा। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेलमंत्री वैष्णव से कहा, सिंहस्थ को अभी थोड़ा समय है। लेकिन उससे पहले ही आपने एक बड़ी सौगात दे दी है। भविष्य में भी कुंभ से जुड़ी योजनाओं का आग्रह लेकर आपके पास आते रहेंगे। रेल मंत्री से आग्रह करते हुए सीएम ने कहा, इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट को 2029 की जगह 2028 के कुंभ तक पूरा कर लिया जाए। ताकि हजारों श्रद्धालु इसका लाभ ले सके। इस प्रोजेक्ट का औद्योगिक के साथ ही धार्मिक महत्व भी है। इसमें उज्जैन महाकाल के साथ त्रयम्बकेश्वर, घृष्णेश्वर शिवलिंग जुड़ रहे हैं। हमारी सरकारी इसे प्रदेश के इकनॉमिक के साथ धार्मिक कॉरिडोर के रूप में भी विकसित करेंगी। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट के समानांतर सभी शहरों में सड़क निर्माण व अन्य विकास काम चलाएंगी, जिससे इस प्रोजेक्ट का पूरा आर्थिक लाभ इन सभी रूट की आबादी उठा सके। खासकर यह आदिवासी अंचल, धार, बड़वानी, खरगोन जिले के लिए बडी सौगात है। इन क्षेत्र से आदिवासियों का रोजगार के लिए माइग्रेसन भी रूकेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस रूट पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलेगी। इस ट्रैक पर कवच सिस्टम से सिग्नल ऑपरेट होंगे। चार जगह रेलवे गोदाम बनेंगे, जो मप्र में इंदौर के पास कैलोद और धार जिले में ग्यासपुर खेड़ी में बनेंगे। दो महाराष्ट्र के न्यू धुले और मालेगांव में गोदाम बनेंगे। इसका फ्रेट कॉरिडोर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस रूट पर अभी सिंगल लाइन डाली जाएगी लेकिन रूट पर सभी 35 रेलवे ओवरब्रिज को डबल लाइन के हिसाब से बनाया जाएगा। भविष्य में यदि इस रूट को डबल लाइन का करना पड़े तो नए सिरे से ब्रिज नहीं बनाना पड़े।
मप्र में 18 और महाराष्ट्र में 16 रेलवे स्टेशन होंगे
इंदौर से मनमाड़ तक कुल 34 रेलवे स्टेशन इस लाइन पर आएंगे। इनमें से 30 नए बनेंगे, जबकि चार पहले से है। इसमें मप्र में 17 नए स्टेशन (कुल 18) बनेंगे। इंदौर तरफ से देखें तो महू (पहले से है), कैलोद, कमदपुर, झाड़ी बरोदा, सराय तालाब, नीमगढ़, चिक्त्या बड़, ग्यासपुर खेड़ी, कोठड़ा, जरवाह, अजंदी, बघाड़ी, कुसमारी, जुलवानिया, सली कलां, वनिहार, बवादड़ और मालवा (महाराष्ट्र बॉर्डर) पर बनेगा। महाराष्ट्र में 16 स्टेशन होंगे, जिसमें से तीन पहले से बने हुए हैं। ये स्टेशन सांगवी, लोकी, शिरपुर, दभाक्षी, नदाना (पहले से है), न्यू धुले (पहले से है), कस्बे ललिंग्नान, पूरमपेड़ा, झांझ, छीकाहोल, मालेगांव, यसगांव बीके, मेहुन, चोंधी, खटगांव और मनमाड़ (पहले से है)।