बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के महावीर नगर मोहल्ले में गुरुवार की रात कच्छा-बनियान गिरोह के 12 बदमाशों ने दो घरों में डाका डाला। परिवार के लोगों को जमकर पीटने के बाद करीब 22 लाख से अधिक के जेवरात तथा 65 हजार रुपये लूट ले गए। दो घंटे तक लूटपाट करने के बाद डकैत भाग निकले। घटना रात 12.30 बजे की है। पीड़ित परिवार ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी लेकिन कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा। बाद में पीड़ित परिवार के एक परिचित रात में ही मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल तीन महिलाओं को नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह पहुंचे पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने घटना के लिए स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार मानते हुए थानाध्यक्ष बांसडीहरोड नंदलाल सहित दो दारोगाओं को निलंबित कर दिया।
नए बस रहे महावीर नगर मोहल्ले में सहतवार थाना क्षेत्र बेऊर निवासी सतेन्द्र वर्मा और दानापुर में तैनात सेना के सूबेदार संतोष सिंह का मकान आमने-सामने है। दोनों घरों के अगल-बगल कोई दूसरा मकान नहीं है।
गुरुवार की रात दोनों घरों में लोग सो रहे थे। रात 12.30 बजे के करीब सतेन्द्र वर्मा के पिता को शौच की शंका हुई तो उन्होंने अपने पोते सत्यम(12) को जगाया। तभी गेट फांदकर कच्छा-बनियान पहने करीब छह-सात बदमाश अंदर घुस आए। बाकी बदमाश घर से बाहर खड़े रहे। डकैतों ने सत्यम को बंधक बना लिया और सबके मोबाइल छीन लिए। परिवार के लोगों ने कहा कि सब कुछ ले लो लेकिन बेटे को छोड़ दो। इस पर बदमाशों ने सबके शरीर के गहने उतरवाए और सबके हाथ पैर बांधकर एक कमरे बंद कर दिया। इसके बाद पूरे मकान को खंगाला। गृहस्वामी सत्येंद्र की मानें तो डकैत करीब दो लाख के जेवरात तथा पिता के इलाज के लिए बैंक से निकाले गए 50 हजार रुपये ले गए।
इसके बाद डकैत सामने के मकान के गेट का ताला तोड़ कर अंदर घुस गए और एक कमरे में सो रहे संतोष सिंह के लड़के को पीटने लगे, उसे बचाने आई मां सुनीता सिंह को भी पीटा। यह देख संतोष की पुत्री प्रियंका सीढ़ी से भाग कर छत पर पहुंच गई। उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। मोबाइल से 100 नंबर डायल कर पुलिस को भी सूचना दे दी। तभी बदमाश ऊपर पहुंच गए प्रियंका को भी पीटने लगे। इस पर सूबेदार की दूसरी बेटी पूजा बदमाशों से भिड़ गई पर बदमाशों ने सभी को एक कमरे में बंद कर दिया।
इसके बाद बक्से, आलमारी को तोड़ 20 लाख के गहने और 15 हजार नगदी ले गए। बदमाशों ने सुनीता तथा पूजा को बुरी तरह से पीटकर घायल कर दिया। सुबह पांच बजे थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और फिर हल्की मारपीट की बात कहकर वापस लौट गई। आठ बजे पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने घटनास्थल का मुआयना किया। एसपी ने घटना के बारे में अस्पताल पहुंचकर सुनीता और उनकी बेटी पूजा से पूछताछ की। एसपी ने बताया कि जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया है उससे इस गिरोह के कच्छा बनियान गिरोह होने की संभावना है। इस मामले में पुलिस एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद दानापुर में तैनात सूबेदार संतोष सिंह शुक्रवार को घर आ गए। उन्होंने बताया कि डकैत करीब 20 लाख के जेवरात और 15 हजार रुपये नकदी लूट ले गए हैं। पीड़ित संतोष सिंह एवं सत्येंद्र की तहरीर पर पुलिस ने डकैती की धारा 395 व 397 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झां ने बताया कि इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए थानाध्यक्ष नंदलाल, एसआई अवधेश सिंह तथा कंट्रोल ड्यूटी पर तैनात सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। मामले की प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।