केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों का खासा ख्याल रखा गया है। इस बार सबसे बड़ी बात यह रही कि नौ साल बाद टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने राहत देते हुए एलान किया कि अब 7 लाख रुपए तक की सालाना कमाई तक कोई टैक्स नहीं देना होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों का खासा ख्याल रखा गया है। इस बार सबसे बड़ी बात यह रही कि नौ साल बाद टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने राहत देते हुए एलान किया कि अब 7 लाख रुपए तक की सालाना कमाई तक कोई टैक्स नहीं देना होगा। इनसबके बीच सबसे खास बात यह रही कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार अपना सबसे छोटा बजट भाषण पढ़ा है। उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सिर्फ 87 मिनट का बजट भाषण पढ़ा।
विज्ञापन
आइए जानते हैं पिछले सालों में निर्मला सीतारमण का सबसे लंबा भाषण और किस नेता ने अब तक का सबसे छोटा भाषण दिया है...
साल 2019 में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए अपना पहला बजट पेश किया। उस भाषण के साथ, उन्होंने अब तक के सबसे लंबे बजट संबोधन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह दो घंटे 17 मिनट तक बोली थीं।
अगले साल, उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया जब उन्होंने वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश करते हुए दो घंटे 42 मिनट तक बात की। और वह पूरा भाषण भी नहीं था! स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण जब उन्हें अपना भाषण छोटा करना पड़ा, तो उनके पास दो पेज बचे थे।
2021-22 में उनका बजट भाषण 100 मिनट लंबा था। वहीं निर्मला सीतारमण ने साल 2022-23 के बजट में कुल डेढ़ घंटे ही बोली थीं।
निर्मला सीतारमण से पहले जसवंत सिंह के नाम सबसे लंबा बजट भाषण
निर्मला सीतारमण से पहले भाजपा नेता जसवंत सिंह के नाम सबसे लंबा बजट भाषण का रिकॉर्ड था। 2003 में उन्होंने 2 घंटे 15 मिनट का बजट पेश किया था।
विज्ञापन
हीरूभाई एम पटेल ने सबसे छोटा बजट भाषण दिया था
स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में हीरूभाई एम पटेल द्वारा दिया गया था। उन्होंने केवल 800 शब्दों का अंतरिम बजट भाषण दिया था।
मोरारजी देसाई ने सबसे ज्यादा 10 बार आम बजट पेश किया
अब तक मोरारजी देसाई ने सबसे ज्यादा 10 बार आम बजट पेश किया है। इसके बाद पी चिदंबरम ने नौ बार, प्रणव मुखर्जी ने भी 9 बार, यशवंत राव चह्वाण ने 7 बार, सीडी देशमुख ने 7 बार, यशवंत सिन्हा ने 7 बार, मनमोहन सिंह ने 6 बार और टीटी कृष्णमाचारी ने भी 6 बार आम बजट पेश किया।