लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मिजोरम में खाद्य और प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने मिजोरम में एमएसएमई और व्यापार एवं वाणिज्य विकास पर जोर देते हुए कहा, जैविक खेती और उत्पादों पर ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने राज्य में प्रसंस्करण संयंत्रों के विकास के लिए बिजली आपूर्ति में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने यह बात मिजोरम विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए), भारत क्षेत्र जोन-III के 21वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन के बाद कही। उन्होंने कहा, अंतिम लक्ष्य यह है कि विकास का लाभ समाज के हर सदस्य तक पहुंचे।
इस मौके पर राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह, नागालैंड विधानसभा के स्पीकर और इंडिया रीजन जोन-III के चेयरमैन शेरिंगेन लोंगकुमेर, मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा सहत गणमान्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सड़कों, हवाई मार्ग और रेल के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार के साथ, मिजोरम खाद्य और प्रसंस्करण क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, जन कल्याण के लिए हमें डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना चाहिए। विधायी प्रक्रिया में जन भागीदारी बढ़ानी चाहिए। शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करना चाहिए और संसदीय समिति प्रणाली को मजबूत करना चाहिए। यह हमारी विधायिका को लोगों की प्रभावी सेवा करने में सक्षम बनाता है। हमें जन याचिकाओं को सुनना चाहिए, सुझाव प्राप्त करने के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए। हमारे विधायकों को प्रशिक्षित करना चाहिए और सदन की चर्चाओं में जनता के प्रतिनिधियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। अंतिम लक्ष्य यह है कि विकास के लाभ समाज के हर सदस्य तक पहुंचे।