सियासी गलियारे में तेजप्रताप के इस ट्वीट का अर्थ यह निकाला गया कि अपने छोटे भाई तेजस्वी को वह बतौर दुर्योधन पेश कर रहे हैं। दरअसल, महाभारत में एक प्रसंग है, जब पांडव सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मिलने पर कौरवों से केवल पांच गांवों की मांग की थी और दुर्याधन ने पांडवों की वह मांग भी ठुकरा दी थी। इधर, तेजप्रताप के प्रति विरोधियों ने 'हमदर्दी' दिखाते हुए लालू परिवार पर चुटकी लेनी शुरू कर दी।
इसके बाद एक बार फिर से उन्होंने ट्वीट से ही ऐसे विरोधियों पर हमला बोला।
तेजप्रताप ने लिखा कि उनके और उनके परिवार के बीच जो भी आएगा, उसका सर्वनाश निश्चित है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि तेजप्रताप ने अपने परिवार के प्रति रक्षात्मक रवैया अपनाया है। वह पहले भी कई मौकों पर कभी भाई तेजस्वी तो कभी मां राबड़ी देवी पर विरोधियों के वार का जवाब दे चुके हैं।