फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश: क्या कहता है मुस्लिम वोटरों का रुख और सत्ता का समीकरण?  

विज्ञापन
मुस्लिम महिला मतदाता। - फोटो : social media
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 2019 में इस बार भी सबकी निगाहें उत्तर प्रदेश पर हैं। दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर जाता है। जिसने यूपी में अच्छा प्रदर्शन किया, केंद्र में सरकार उसकी ही बनी। 2014 इसका उदाहरण है, जब भाजपा ने केंद्र में प्रचंड बहुमत यूपी के दम पर ही हासिल किया था। यहां उसे 80 में से 71 सीटें मिली थीं। लेकिन इस बार यूपी में सपा-बसपा गठबंधन ने भाजपा के आगे कड़ी चुनौती पेश की है। यूपी में मुस्लिम मतदाताओँ की अच्छी खासी संख्या है, इसलिए हर पार्टी के लिए इनका रुख काफी अहम रहता है। आइए जानते हैं क्या थी 2014 में स्थिति और 2019 में कैसे रहे हालात।  

यूपी में कुल 19 फीसदी मुस्लिम

यूपी की कुल मुस्लिम आबादी तकरीबन 19 फीसदी है। ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में मुस्लिम वोटर ज्यादा हैं। शहरों में 32 फीसदी जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 16 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। राज्य के उत्तरी इलाके मुस्लिम बहुल हैं। परंपरागत रूप से यहां के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस या सपा की तरफ रहा है। 2014 लोकसभा चुनाव में इस वोटबैंक का 66 फीसदी हिस्सा सपा और कांग्रेस के खाते में गया था। 21 फीसदी मुस्लिम वोटरों ने बसपा के लिए मतदान किया। बाकी अन्य दलों के बीच बंट गया।  
विज्ञापन


कुल आबादी - 19 फीसदी 
ग्रामीण मतदाता- 16 फीसदी
शहरी मतदाता - 32 फीसदी 

2014 चुनाव

सपा-कांग्रेस को 66 फीसदी वोट
बसपा को 21 फीसदी वोट 


मुस्लिम बहुल सीटें: मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, कैराना, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बरेली, मेरठ, सम्भल, बलरामपुर, मऊ, बदायूं, बहराइच, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद, आजमगढ़, गाजियाबाद, बाराबंकी, अमरोहा, खीरी, लखनऊ। 

2014 में किसे कितने मुस्लिम वोट मिले 

2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला था तो इसकी वजह थी  उत्तर प्रदेश। भाजपा को 71 सीटें मिली थीं। राज्य की 403 विधानसभा सीटों में भाजपा ने 337 सीटों पर बढ़त हासिल की थी। माना जाता है कि मुस्लिम वोटरों ने भाजपा के खिलाफ वोट दिया था। हालांकि तब सपा और बसपा ने अलग अलग चुनाव लड़ा था।  
 

ख़ास आपके लिए:- लोकसभा चुनाव नतीजे: आपके शहर में कौन आगे, कौन पीछे...पल-पल का हाल सीधे आपके मोबाइल पर

विज्ञापन

2012 के विधानसभा चुनावों में सपा और कांग्रेस को मुस्लिमों का 56 फीसदी वोट मिला। तब सपा ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई थी। 2014 लोकसभा चुनाव में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। सपा और कांग्रेस के खाते में 66 प्रतिशत मुस्लिम वोट गया। बसपा को 21 फीसदी मुस्लिम वोट मिला। यानि मुस्लिम वोट का बड़ा हिस्सा सपा और कांग्रेस के खाते में गया। 

2014 चुनाव में एक और महत्वपूर्ण बात नजर आई थी। मुस्लिम वोटर बहुल इलाकों में हिंदू वोट बड़े पैमाने पर भाजपा को मिले। जिन सीटों पर मुस्लिम आबादी 30 फीसदी से कम है, वहां भाजपा को 43 फीसदी हिंदू वोट मिला। जिन सीटों पर मुस्लिमों की आबादी इससे ज्यादा है, वहां 46 प्रतिशत हिंदू वोट भाजपा के खाते में गया।  

 

विज्ञापन

मुस्लिम उम्मीदवारों के वोटों में भी कमी

गौर करने लायक बात है कि यूपी सहित देशभर में मुस्लिम मतदाताओं को मिलने वाला वोट भी लगातार घटता जा रहा है। यूपी में 2009 चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों  को 73 लाख (13.2 फीसदी) वोट मिले, जबकि 2004 में कुल 1 करोड़ वोट मुस्लिम उम्मीदवारों को मिले। यूपी में मुस्लिमों की आबादी 18.5 फीसदी है, लेकिन 80 में से एक भी सांसद मुस्लिम नहीं है। 

यूपी में मुस्लिम बहुल जिले

यूपी में करीब 18 जिले ऐसे हैं जहां आबादी 20 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक है। बावजूद इसके 2014 चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों ने मोदी लहर पर सवार होकर विपक्षी उम्मीदवार को हराया।  
 
जिला मुस्लिम आबादी
मुरादाबाद 50.80 %
रामपुर 50.57%
बिजनौर 43.04%
सहारनपुर 41.95%
शामली   41.77%
मुजफ्फरनगर 41.10%
अमरोहा  40.78%
बलरामपुर 37.51%
बरेली 34.53%
मेरठ 34.43%
बहराइच 33.54%
सम्भल 32.88%
हापुड 32.39%
श्रावस्ती 30.79%
सिद्धार्थनगर 29.23%
बदायूं 23.26%
बाराबंकी 22.61%
गाजियाबाद 22.53%
लखनऊ 21.46%
खीरी 20.08%
अलीगढ़ 19.85%

उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 25 मुस्लिम विधायक

सपा    19
बसपा    04
कांग्रेस    02


सबसे दिलचस्प बात ये रही कि 2014 चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार संसद तक नहीं पहुंच सका था। हालांकि, कैराना उपचुनाव में रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह को हराया था। उन्हें सपा-बसपा और कांग्रेस ने समर्थन दिया था। ये सीट हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई थी। 

कब कितने मुस्लिम सांसद बने

1980 - 18 सांसद
1984 - 12 सांसद
1989 - 08 सांसद
1991 - 03 सांसद
1996 - 05 सांसद
1998 - 06 सांसद
1999 - 08 सांसद
2004 - 10 सांसद
2009 - 07 सांसद
2014 - 00 सांसद


सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटी (सीएसडीएस) ने 2009 के लोकसभा चुनावों में मुस्लिम मतदाताओं के रुझान की 2014 के रुझान से तुलना की। सीएसडीएस के सर्वे अनुसार,  मुसलमानों में कांग्रेस या क्षेत्रीय पार्टियों के पक्ष में कोई विशेष ध्रुवीकरण देखने को नहीं मिला। दरअसल, 2014 चुनाव में मुसलमानों का थोड़ा वोट भाजपा की तरफ झुका नजर आया। सीएसडीएस के मुताबिक पूरे देश में तो भाजपा को करीब 8.5 फीसदी मुस्लिम वोट मिला था। यूपी में 10 फीसदी मुस्लिमों ने भाजपा को वोट दिया था। 

सीएसडीएस के मुताबिक 2009 में बीजेपी को तीन फीसदी मुस्लिमों ने वोट किया था। 2014 से पहले बीजेपी को सबसे ज्यादा सात फीसदी मुस्लिमों का समर्थन साल 2004 में मिला था। 1998 में पांच और 1999 में छह फीसदी मुस्लिम वोट बीजेपी के साथ था। 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा 37.6 फीसदी मुस्लिम वोट कांग्रेस को मिला था, जबकि यूपी में 58 फीसदी मुस्लिमों ने समाजवादी पार्टी पर भरोसा जताया था। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें