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Lok Sabha Chunav: पीएम के 'सरयू से सागर' तक के संदेश के क्या हैं मायने? रामपथ की 211 सीटों पर है BJP की नजर

आशीष तिवारी
Updated Tue, 23 Jan 2024 05:52 PM IST

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 11 दिन के उपवास और अनुष्ठान के दौरान महाराष्ट्र से लेकर दक्षिण भारत के सभी राज्यों का दौरा किया। इसमें प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नासिक से लेकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत केरल के सात मंदिरों में पूजा अर्चना भी की...
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Lok Sabha Chunav: PM Modi - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar



सुदर्शन कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामपथ के इन तीन राज्यों में पूजा अर्चना करके भारतीय जनता पार्टी को सियासी तौर पर मजबूत करने का अयोध्या से सीधा संदेश दिया है। सुदर्शन कहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री ने राम ज्योति जलाने की जो अपील की थी, दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी लोगों ने खूब प्रज्वलित की। भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस दक्षिण भारत के राज्यों में अयोध्या के राम मंदिर को पूरी तरीके से सियासी तौर पर भी बढ़ा रही है।

भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों के मुताबिक दक्षिण भारत के सभी राज्यों से 27 जनवरी से अयोध्या दर्शन की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा से जुड़े एन सत्यमूर्ति कहते हैं कि अगले एक महीने के भीतर तमिलनाडु के प्रत्येक जिले से लोग अयोध्या दर्शन करने जा रहे हैं। वह कहते हैं कि इसकी जिम्मेदारी अलग-अलग जिलों में अलग-अलग पदाधिकारी के पास है। एन. सत्यमूर्ति का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह अयोध्या में सरयू से सागर का जिक्र कर अयोध्या को तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के रामपथ वाले राज्यों को जोड़ा है, उससे यहां के लोगों का नाता और रिश्ता प्रभु राम से और गहरा हुआ है। वह कहते हैं कि तमिल समागम जैसे बड़े आयोजनों से उनका राज्य उत्तर भारत से सीधे तौर पर जुड़ रहा है। अयोध्या का राम मंदिर दक्षिण भारत को जोड़ने के लिए कड़ी बन रहा है।

भाजपा की राम दर्शन यात्रा इसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में दक्षिण भारत का राजनीतिक द्वार भेदने का माध्यम बनेगी। अयोध्या के लिए इस देशव्यापी यात्रा की शुरुआत तमिलनाडु के मंदिरों का शहर कहे जाने वाले मदुरै से होगी। आस्था स्पेशल ट्रेनों से 25 हजार तमिल भाषी रामभक्तों का पहला जत्था यहां पहुंचेगा। इसी तरह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल व पुडुचेरी से भी लाखों श्रद्धालु आएंगे। जानकारों की मानें, तो राम दर्शन यात्रा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिए बेहद खास है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी निगरानी के लिए केंद्रीय और राज्य स्तर पर अलग-अलग उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। केंद्रीय समिति का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष को सौंपा गया है। इनका सहयोग तीन अन्य राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, तरुण चुग और विनोद तावड़े करेंगे।

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