लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने जहां पहले बेतुका और विवादित बयान दिया, वहीं फिर अब कांग्रेस को लेकर तंज कसा और पार्टी पर निशाना साधा है। औवेसी का कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद अगर कोई कहता है कि कांग्रेस को इस देश में अकेले राज करने और भारतीय जनता पार्टी को रोकने का हक है तो मैं नहीं समझता कि इस बात का कोई मूल्य है। ओवैसी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों के महत्व के संदर्भ में यह बात कही है।
ओवैसी का कहना है कि इस चुनाव में जहां भी क्षेत्रीय पार्टियां थी उन्होंने भारतीय जनता को रोके रखा। दूसरी तरफ, जहां भाजपा के सामने सिर्फ अकेली कांग्रेस थी वहां पार्टी के खाते में 300 में से 177 सीटें आईं। ओवैसी अपनी परंपरागत सीट हैदराबाद से चुनाव जीते हैं। वह अपनी पार्टी के अकेले विजयी प्रत्याशी हैं।
'विपक्ष अकेले राष्ट्रवाद के मुद्दे पर नहीं कर सकता भाजपा का सामना'
ओवैसी ने विपक्ष की एकता और रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ही भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकता है। अगर विपक्ष को भाजपा का सामना करना है तो नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। इस चुनाव में भाजपा का मजबूत पक्ष राष्ट्रवाद था और विपक्ष इसके खिलाफ कोई रणनीति नहीं बना पाया।
आवैसी ने कहा कि प्रचंड बहुमत से जीत के बाद अब भाजपा की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पार्टी को अपने वादों को पूरा करना चाहिए। अगर अब भाजपा काम नहीं करती है तो जो जनता इस पार्टी को आसमान पर लेकर गई है, वो ही नीचे भी गिरा सकती है। ओवैसी इससे पहले भारतीय जनता पार्टी को मिले प्रचंड बहुमत को लेकर विवादित और बेतुका बयान दे चुके हैं।
'इस बार ईवीएम नहीं, हिंदुओं के दिमाग में हेराफेरी हो गई है'
ओवैसी ने इससे पहले ईवीएम पर सवाल उठाते हुए विवादित बयान दिया। जब भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ता जीत का जश्न मना रहे थे उस वक्ते ओवैसी ने कहा कि इस बार ईवीएम में हेराफेरी नहींं हुई है, हिंदुओं के दिमाग में हेराफेरी हो गई है। ओवैसी ने यह बात चुनाव परिणाम के लिए जारी वोटों की गिनती के दौरान दिया था।