लोन वसूली एजेंसी के फ्रॉड कॉल से सिर्फ आम आदमी ही परेशान नहीं है बल्कि आंध्र प्रदेश से एक खबर सामने आई है कि लोन वसूली एजेंसी ने एक मंत्री और एक पूर्व मंत्री को कॉल कर परेशान कर दिया। दरअसल आंध्र प्रदेश के एसपीएस नेल्लोर जिले के रहने वाले एक मंत्री और एक पूर्व मंत्री को एक ऋण वसूली एजेंसी से कई कॉल आए, जिसमें मांग की गई थी कि वे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लिए गए पैसे को चुका दें।
पूर्व मंत्री पी अनिल कुमार की शिकायत के आधार पर, नेल्लोर पुलिस ने चार लोगों को ब्लैकमेल करने और प्रमुख व्यक्तियों को परेशान करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वहीं अनिल कुमार ने पुलिस को एक ऑडियो क्लिप भी दिया जिसमें एक महिला कॉलर को साफ सुना जा सकता है। वहीं महिला निजी बैंक से होने का दावा करती है।
बैंक का आठ लाख रुपये बकाया, इसलिए, हमें तुरंत पैसे दें
महिला मंत्री से जबरन वैसे चुकाने की बात करती है। वह कहती है कि अशोक कुमार नाम के शख्स ने आपके नाम पर आठ लाख का लोन लिया है इसलिए आपको भुगतान करना है। महिला कॉल पर कहती है कि क्या आप पोलुबॉयिना अनिल कुमार हैं? अशोक कुमार ने आपका नंबर दिया और कहा है कि आप उनके साले हैं। उनके पास बैंक का आठ लाख रुपये बकाया है। इसलिए, आपको हमें तुरंत पैसे देने हैं। अनिल कुमार ने कॉल पर महिला को समझाने की कोशिश की कि उनका कोई साला नहीं है। लेकिन तथाकथित बैंक कर्मचारी ने जोर देकर कहा कि उनका नाम यहां लिखा गया है।
बता दें कि अनिल कुमार ने जगन मोहन रेड्डी कैबिनेट में जल संसाधन मंत्री के रूप में कार्य किया है। कई मिनटों तक, अनिल कुमार ने उसे समझाने की कोशिश की कि वह किसी भी तरह से ऋण से जुड़ा नहीं है और यह भी कहा कि वह एक विधायक है।
व्यक्ति ने अलग-अलग नंबरों से किए कॉल
इसी तरह से कृषि मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी को भी इसी तरह के फोन आए। मामले की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री काकानी ने कहा कि मैं एक आधिकारिक कार्यक्रम में था, इसलिए मेरे निजी सहायक ने कॉल का जवाब दिया। आगे उन्होंने कहा कि पीए को ऋण के बारे में बताया गया, लेकिन मेरे पीए ने फोन करने वाले से कहा कि वह उस व्यक्ति को कभी नहीं जानता जिसने ऋण लिया था। फिर भी, वह व्यक्ति अलग-अलग नंबरों का उपयोग करके कॉल करता रहा। हद तो तब हो गई जब कुल मिलाकर, मंत्री को ऋण वसूली एजेंटों से शुक्रवार को 79 कॉल किए।
दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में कर्ज लेने वाले का नाम भी अशोक कुमार बताया गया। तंग आकर उन्होंने मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक से की। एसपी सी विजया राव ने तुरंत एक जांच शुरू की और एक तकनीकी टीम की मदद से चेन्नई में एक एजेंसी को नंबरों का पता लगाया। विजया राव ने बताया कि चेन्नई में कोलमैन नाम की कर्ज वसूली एजेंसी से फोन आए।
चार लोगों को पकड़ा
एसपी ने बताया कि हमने तुरंत एक टीम भेजी और एजेंसी से चार लोगों को गिरफ्तार किया। वे अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे और बार-बार प्रमुख व्यक्तियों को फोन कर रहे थे, शायद कर्ज वसूलने के लिए और ब्लैकमेल करने की उनकी रणनीति थी। उन्होंने कहा कि मामले की व्यापक जांच चल रही है, जबकि आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।