देश के दिग्गज नेता व एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्वीकार करना चाहिए कि अब वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक नहीं रही, जैसे पहले कभी वह रहा करती थी। उन्होंने महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी पार्टी को रियाल्टी चेक यानी सच का सामना करने की सलाह भी दी।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की हालत उन जमींदारों की तरह है, जो अपनी हवेली नहीं बचा सके। शरद पवार ने आगे कहा कि अन्य विपक्षी दलों के साथ कांग्रेस की नजदीकी तभी बढ़ेगी, जब यह हकीकत स्वीकार करेगी कि अब वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक नहीं रही। यह पूछने पर कि क्या इसकी वजह अहंकार है? पवार ने तंज करते हुए कांग्रेस की तुलना ऐसे जमींदारों से की जो अपनी अधिकांश जमीन खो चुके हैं और अपनी हवेली भी बचाने में सक्षम नहीं रहे हैं।
उन्होंने इस बात को विस्तार देते हुए कहा, 'मैंने उत्तर प्रदेश के जमींदारों की कहानी सुनी थी। उनके पास बड़ी जमीनें व बड़ी हवेली हुआ करती थी। लेकिन भूमि हदबंदी कानून के कारण उनकी जमीनें हाथ से चली गईं तो उनकी हवेलियां तो रहीं, लेकिन जमींदारों के पास उनके रखरखाव व मरम्मत की ताकत नहीं बची। उनकी खेती से आय भी पहले जितनी नहीं रही, क्योंकि हजारों एकड़ जमीन के बजाए उनके पास 10-20 एकड़ जमीन रह गई। इसके बाद अगली सुबह जब ये जमींदार जागे तो आसपास के हरे भरे खेतों की ओर देखा और कहा कि ये सब जमीन उनकी है, लेकिन असल में वह कभी उनकी हुआ करती थी, अब उनकी नहीं रही थी। यह पूछने पर कि क्या वह कांग्रेस की तुलना बंजर गांव के पाटिल (प्रमुख) से करेंगे? एनसीपी प्रमुख ने कहा कि वह ऐसी तुलना नहीं करेंगे।
ममता को विपक्ष का नेता मानने को कहा तो कांग्रेस ने कहा हमारे पास राहुल हैं
पवार ने एक टीवी चैनल से चर्चा में कहा कि जब भी नेतृत्व की बात आती है तो कांग्रेस के मेरे दोस्त अलग राय रखने का मन नहीं बना पाते। पवार ने कहा कि जब ममता बनर्जी को 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का चेहरा बनाने की बात चली तो कांग्रेस के लोगों ने कहा कि उनके पास राहुल गांधी हैं। सभी दल, खासकर कांग्रेस के नेता अपने नेतृत्व को लेकर अलग राय पेश करने के लिए तैयार नहीं हैं।