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LIC IPO Listing: मजबूत है एलआईसी की बुनियाद, मैक्वायरी ने कहा- आगे मिलेगा बेहतर मुनाफा

Wed, 18 May 2022 12:04 AM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

एलआईसी कंपनी का शेयर पहले दिन आईपीओ के भाव 949 रुपये की तुलना में 7.75 फीसदी गिरकर 875.45 रुपये पर बंद हुआ। यानी प्रति शेयर निवेशकों को 73.55 रुपये का घाटा हुआ। इस तरह से एक लॉट में 1,103 रुपये का नुकसान हुआ है। खुदरा को 45 रुपये और पॉलिसीधारकों को 60 रुपये की इसमें छूट मिली थी। इस तरह से इन दोनों को क्रमश 14 रुपये और 29 रुपये हर शेयर पर घाटा हुआ है।
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LIC IPO - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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एलआईसी के शेयर ने लिस्टिंग के दिन भले ही निवेशकों को घाटा दिया हो, पर आगे चलकर यह अच्छा फायदा दे सकता है। देश की सबसे बड़ी बीमा और आईपीओ लानेवाली कंपनी के बारे में विदेशी ब्रोकरेज हाउस मैक्वायरी ने कहा कि यह शेयर 1,000 रुपये तक निकट समय में जा सकता है।

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जो भी निवेशक एलआईसी में निवेश करना चाहते हैं, वे अप्रत्यक्ष रूप से इक्विटी बाजार में निवेश कर रहे हैं। कंपनी का शेयर पहले दिन आईपीओ के भाव 949 रुपये की तुलना में 7.75 फीसदी गिरकर 875.45 रुपये पर बंद हुआ। यानी प्रति शेयर निवेशकों को 73.55 रुपये का घाटा हुआ। इस तरह से एक लॉट में 1,103 रुपये का नुकसान हुआ है। खुदरा को 45 रुपये और पॉलिसीधारकों को 60 रुपये की इसमें छूट मिली थी। इस तरह से इन दोनों को क्रमश 14 रुपये और 29 रुपये हर शेयर पर घाटा हुआ है। इसके साथ ही यह बाजार पूंजीकरण के लिहाज से इंफोसिस से भी छोटी कंपनी हो गई है। 

नए निवेशकों के लिए सस्ते में अवसर
ट्रेडिंगो के संस्थापक पार्थ न्याति ने कहा कि कंपनी की खराब लिस्टिंग कमजोर बाजार की वजह से हुई है। साथ ही लंबे समय से नकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों को कमजोर लिस्टिंग से घबराने की जरूरत नहीं है। लंबे समय में यह अच्छा फायदा दे सकता है। नए निवेशकों को इस गिरावट को एक अच्छा अवसर मानकर खरीदना चाहिए। 
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लाभांश दे सकती है कंपनी
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि लंबे समय के लिए निवेश करना है तो इसमें कोई जोखिम नहीं है। एलआईसी ने पिछले वित्तवर्ष में कोई लाभांश नहीं दिया है। इसलिए इस बात की बहुत ज्यादा उम्मीद है कि इस साल में निवेशकों को यह एक अच्छा लाभांश की घोषणा कर दे। 
 
बाजार पूंजीकरण में पांचवें नंबर पर
949 रुपये के भाव से इसका बाजार पूंजीकरण छह लाख करोड़ रुपये होना चाहिए था, पर 5.53 लाख करोड़ रुपये के साथ यह पांचवें नंबर पर है। इससे आगे रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस हैं। हालांकि एचयूएल का पूंजीकरण इससे केवल 27 हजार करोड़ रुपये कम है। कंपनी का शेयर बीएसई पर 8.62 फीसदी गिरावट के साथ 867.2 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था। 

बाजार की कमजोरी का असर
सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पाडे ने कहा कि बाजार की अप्रत्याशित स्थिति के कारण एलआईसी के शेयर की कमजोर शुरुआत हुई। उन्होंने सलाह दी कि लंबे समय के लिए इस शेयर को रखना चाहिए। एलआईसी के चेयरमैन एम आर कुमार ने कहा कि सेकेंडरी बाजार में एलआईसी के शेयरों की मांग बढ़ेगी और इससे कीमत भी बढ़ेगी। मुझे यकीन है कि जिन पॉलिसीधारकों को आईपीओ में शेयर नहीं मिला, वे इसे सेकेंडरी बाजार से खरीदेंगे।

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