इन दिनों देश में समान नागरिक संहिता हर किसी की जुबान पर है। कोई पक्ष में है तो इसके विरोध में हैं। इस बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यूसीसी को लेकर गलत सूचनाएं भी फैलाई जा रही हैं। जिस पर विधि आयोग ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है।
विधि आयोग ने शुक्रवार को यूसीसी के मुद्दे पर लोगों को उसके नाम से धोखाधड़ी वाले व्हाट्सऐप संदेशों, कॉल के प्रति आगाह किया। आयोग ने लोगों से इस मुद्दे पर सावधानी बरतने और सटीक जानकारी के लिए इसकी वेबसाइट सहित आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का आग्रह किया।
आगे कहा कि यह देखने में आया है कि कुछ फोन नंबर व्यक्तियों के बीच हैं, उन्हें गलत तरीके से भारत के विधि आयोग के साथ जोड़ा जा रहा है। लेकिन हम इस बात को स्पष्ट कर देते हैं कि विधि आयोग का इन कॉलों या संदेशों से कोई जुड़ाव या संबंध नहीं है और हम ऐसे किसी भी तरह के भ्रामक मैसेज और कॉलों को सिरे से खारिज करते हैं। विधि आयोग ने कहा कि वह अपनी वेबसाइट और प्रेस सूचना ब्यूरो सहित आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपनी सूचना प्रसारित करता है।
बयान में कहा गया है कि इस संबंध में जारी सार्वजनिक नोटिस (यूसीसी पर विचार मांगने) तक पहुंचने के लिए व्यक्तियों को भारत के विधि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। पैनल को हाल ही में 14 जून को जारी सार्वजनिक नोटिस पर 19 लाख प्रतिक्रियाएं मिली थीं। लोग 13 जुलाई तक प्रतिक्रियाएं भेज सकते हैं।