योगी आदित्यनाथ ने तेजी से उठाया कदम
उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लखीमपुर खीरी घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सक्रिय हो गए थे। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को उचित कदम उठाने के निर्देश दे दिए थे। घटना में मारे गए लोगों को मुआवजा, एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी समेत तमाम प्रस्तावों को मानने में जरा भी देर नहीं लगाई, लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार की सांसत कम होने का नाम नहीं ले रही है। विपक्षी दलों को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के लखीमपुर खीरी पहुंचने के निर्णय ने भी राज्य सरकार के होश उड़ा दिए थे। वहां सपा और बसपा समेत तमाम दलों ने उत्तर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
मंत्री ने क्यों कहा इस्तीफा दे दूंगा?
गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा पहली बार केंद्र सरकार में मंत्री बने हैं। उन्हें जुलाई महीने में मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के बाद जगह मिली है, लेकिन लखीमपुर खीरी की घटना ने उनके माथे पर बल ला दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को समझने वाले लोगों को काहना है कि इस तरह की कोई भी स्थिति आने पर अमित शाह वास्तविकता जानने की कोशिश करते हैं। भाजपा के नेता भी मानते हैं कि इस घटना को लेकर अजय मिश्रा उर्फ टेनी से इसके बारे में जानने की कोशिश हुई होगी। इसके बाद से ही अजय मिश्रा काफी दबाव महसूस कर रहे हैं। इसलिए वह खुद इस्तीफा देने की शर्त रखकर मामले को संभालने में लगे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा लोगों का गुस्सा
लखीमपुर खीरी में किसानों और भाजपा नेताओं के बीच में हुई इस हिंसक घटना को सोशल मीडिया ने भी खूब प्राथमिकता दी। लेकिन सोमवार को अचानक फेसबुक, व्हाट्सअप, इंस्टाग्राम आदि के सर्वर ने अचानक काम करना बंद कर दिया। लेकिन शाम होते-होते घटना के दौरान गाड़ी चढ़ाने वाला वीडियो ट्विटर के जरिए तेजी से वायरल होने लगा। चार अक्तूबर की रात 12 बजे के बाद से लोगों ने गाड़ी से कुचलने रौंदने का वीडियो खूब देखा।