क्या अजय मिश्रा पर भी आएगी आंच?
मामले को गंभीरता से जानने समझने वालों को इसका पूरा अंदेशा है। उनका मानना है कि आशीष मिश्र से पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी करीब-करीब तय है। सूत्र का कहना है कि लोगों ने आरोप निराधार नहीं लगाए हैं। लोगों के पास अभी कुछ वीडियो मौजूद हैं। वह समय के साथ बाहर आएंगे। बताते हैं कि कुछ लोगों ने इस घटना के दूसरे दिन दावा किया था कि उनके पास फॉर्च्यूनर में आशीष मिश्रा के बैठे होने के सबूत हैं। माना जा रहा है कि इस सबूत के सामने आने पर आशीष मिश्रा के साथ-साथ भाजपा की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसका असर गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा और उनके कद, पद तथा राजनीति पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।
लखनऊ क्यों आए अजय मिश्रा?
गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा मुख्यमंत्री आवास पर एक बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। यह बैठक अवध क्षेत्र के सांसदों और विधायकों की है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा पार्टी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन मंत्री सुनील बंसल और क्षेत्र के सभी सांसद, विधायक होंगे। समझा जा रहा है कि इस दौरान उनकी मुख्यमंत्री से भी तिकुनिया हिंसा प्रकरण को लेकर चर्चा होगी। अजय मिश्रा ने आज भी कहा कि उनका बेटा घर में बैठा हुआ है। वह निर्दोष है। उसकी तबियत खराब थी, इसलिए शुक्रवार को पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ, लेकिन शनिवार को सबूतों के साथ पुलिस के सामने पेश होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चस्पा नोटिस का जवाब भी दे दिया गया है और उनका बेटा आशीष मिश्र जांच में पूरा सहयोग करेगा। अजय मिश्र का यह दावा ही अपने आप में बड़ा सवाल है कि आखिर घर में बैठे बेटे को पुलिस क्यों नहीं ढूंढ पाई और नोटिस चस्पा करने की जरूरत क्यों पड़ी?