West Bengal: दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 48 किलोमीटर दूर स्थित कुस्तौर में आंदोलन खत्म होने के एक घंटे के भीतर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर पुरुलिया जिले के कोटशिला स्टेशन पर भी रेल पटरियों को बाधित करना शुरू कर दिया गया।
अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने सहित कई मांगों को लेकर कुर्मी समुदाय की ओर से पांच दिन से जारी रेल रोको अभियान रविवार को पुरुलिया जिले के कुस्तौर स्टेशन से वापस ले लिया गया है। कुर्मी नेता अजीत महतो ने कहा कि वे वर्तमान में कुस्तौर स्टेशन से आंदोलन वापस ले रहे हैं, जबकि वे अपनी मांगों की पूर्ति के लिए नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अगला कदम उठाएंगे।
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दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 48 किलोमीटर दूर स्थित कुस्तौर में आंदोलन खत्म होने के एक घंटे के भीतर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर पुरुलिया जिले के कोटशिला स्टेशन पर भी रेल पटरियों को बाधित करना शुरू कर दिया गया।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खेमसुली में रेल पटरियों को अवरुद्ध करना जारी है। खेमासुली में कुर्मी समुदाय के एक नेता ने संवाददाताओं से कहा कि रात में एक बजे से सुबह पांच बजे तक और दिन में सुबह 1 बजे से दोपहर तीन बजे तक नाकेबंदी में ढील दी जाएगी।
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उन्होंने कहा, ''नाकेबंदी पूरी तरह हटाने का फैसला हमारे नेताओं और पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव के बीच सोमवार को होने वाली बैठक के नतीजे पर निर्भर करेगा। महतो ने कुस्तौर में रेल नाकाबंदी को वापस लेने की घोषणा की, जो रविवार को अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर गया।