तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रदेश महासचिव पद से हटाए जाने के बाद कुणाल घोष ने पार्टी के सांसद डेरेक ओब्रायन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद टीएमसी नेता कुणाल घोष ने यह स्पष्ट किया कि वह तृणमूल परिवार में ही रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना नेता बताया।
मीडिया से बात करते हुए टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "मैं तृणमूल परिवार में था, हूं और रहूंगा। मेरी नेता ममता बनर्जी और मेरे महासचिव अभिषेक बनर्जी हैं। मैं तृणमूल परिवार का सदस्य हूं और इसी के साथ मैं अपनी राजनीतिक पहचान जारी रखना चाहता हूं।"
बता दें कि टीएमसी से हाल ही में कुणाल घोष को पार्टी के प्रदेश महासचिव पद से हटा दिया था। पद से हटाए जाने के बाद से ही कुणाल घोष ने पार्टी के राज खोलने लगे। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव 2021 से पहले ही टीएमसी को शिक्षक भर्ती घोटाले के बारे में पता था। पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला उनका यह बयान लोकसभा चुनाव के बीच आया। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कुणाल घोष ने एक मई को भाजपा प्रत्याशी तापस राय के साथ मंच साझा किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशी की तारीफ भी की। इसके कुछ घंटों बाद ही टीएमसी ने उन्हें पद से हटा दिया।
इससे पहले एक साक्षात्कार में कुणाल घोष ने दावा किया था कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी जानती थी कि स्कूल शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद और भ्रष्टाचार का पता होने के बाद पार्थ चटर्जी को उद्योग विभाग से शिक्षा मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया।