महाराष्ट्र के कोरेगांव भीमा जांच आयोग ने भविष्य की सभी सुनवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। आयोग ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से सुनवाई के लिए जब तक उपयुक्त आवास प्रदान नहीं किया जाता है तबतक के लिए सुनवाई स्थगित रहेगी। इसी महने 8 नवंबर से 12 नवंबर तक मुंबई में सुनवाई होने वाली थी।
पुणे जिले में 1 जनवरी 2018 को कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हुई हिंसा की घटना की जांच कर रहे एक आयोग ने 22 अक्तूबर 2021 को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी रश्मि शुक्ला को तलब किया था, लेकिन दोनों उपस्थित नहीं हुए।
आयोग ने परमबीर सिंह और रश्मि शुक्ला को किया तलब
एक सप्ताह पहले महाराष्ट्र सरकार ने एक अन्य मामले में बंबई उच्च न्यायालय से को बताया कि सिंह की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। सिंह अब होम गार्ड के महानिदेशक हैं। एक अर्जी पर आदेश जारी करते हुए आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जे एन पटेल ने वकील आशीष सतपुते से दोनों आईपीएस अधिकारियों को आयोग के सामने मौजूद होने की मांग की थी। न्यायमूर्ति पटेल ने दोनों को समन का जवाब 8 नवंबर तक देने को भी कहा था, लेकिन दोनों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर आयोग ने भी सभी सुनवाई स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया है।