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शानदार पहल: विस्टाडोम कोच के साथ पहली बार रवाना हुई डेक्कन एक्सप्रेस

Sun, 27 Jun 2021 03:48 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

  • पहली ही ट्रिप में फुल हुई ट्रेन, यात्रियों ने उठाया मनोहारी वादियों का लुत्फ
  • रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों में यूरोपीयन शैली के विस्टाडोम कोच लगाने शुरू किए हैं
  • ये अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। इनमें आराम की सारी सुविधाएं हैं 
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विस्टाडोम कोच - फोटो : twitter@piyush goyal
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विस्तार
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मुंबई से पुणे के बीच शनिवार को पहली बार डेक्कन एक्सप्रेस विस्टाडोम कोच के साथ चलाई गई। इस कोच की सभी 44 सीटें पहली ही ट्रिप में फुल हो गईं। यात्रियों ने सफर के दौरान अपनी यात्रा मोबाइल पर नहीं बल्कि सुंदर वादियों को देखते हुए गुजारी।

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मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से डेक्कन एक्सप्रेस को शनिवार सुबह सात बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सफर शुरू करने से पहले कुछ उत्साहित यात्रियों ने सीएसएमटी प्लेटफार्म पर कोच के पास बने सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी ली। वहीं, एक यात्री ने ‘कोच के अंदर’ जैसा दिखने वाला केक भी काटा।

डेक्कन एक्सप्रेस में विस्टाडोम कोच लगाने से यात्री रास्ते में पड़ने वाले तमाम खूबसूरत पहाड़ियों और मनोहारी दृश्यों का लुत्फ उठा पाएंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर हैंडल पर वीडियो के जरिये यात्रा की एक झलक दिखाई है। यह ट्रेन प्रसिद्ध माथेरान की पहाड़ी, सोनगिर पहाड़ी, उल्हास नदी, उल्हास घाटी, खंडाला और लोनावाला, दक्षिण-पूर्व घाटखंड के झरने सुरंगों से होकर गुजरेगी। इससे यात्रियों को प्रकृति की अनोखी अनुभूति हो सकेगी।
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मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि एयर कंडीशन कोच में कांच की छत, बड़ी-बड़ी पारदर्शी विंडो, लग्जरी और आरामदायक लगी हुई हैं। ये कुर्सियां 180 डिग्री तक घूम सकती है यानी कि अब अपने पड़ोस वाली सीट पर बैठे यात्री से बात करने के लिए गर्दन घुमाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप सीट घुमाकर आराम से बात कर सकेंगे। वहीं कोच में लगी बड़ी-बड़ी खिड़कियों से आप आराम से बाहर का नजारा देख सकते हैं। 

क्या है विस्टाडोम की खासियत?

  • कोचों में बड़ी कांच की खिड़कियां लगी हैं। कांच की छत, ऑब्जरवेशन लाउंज की सुविधा है। रोटेशनल सीटें हैं। 
  • कोच में वाई-फाई-आधारित यात्री सूचना प्रणाली भी दी गई है। 
  • खिड़कियों को ग्लास शीट से लेमिनेट किया गया है। इससे ये टूटने से बच सकेंगी। 
  • कोच में एयर-स्प्रिंग सस्पेंशन की भी सुविधा है। ऑब्जरवेशन लाउंज में बड़ी खिड़की दी गई है। 
  • हर यात्री की सीट के नीचे मोबाइल चार्जिंग पाइंट दिए गए हैं। 
  • डिजिटल डिस्प्ले और स्पीकर की भी सुविधा है। पसंद के गाने सुन सकते हैं। 
  • कोच में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर लगाए गए हैं। 
  • जीपीएस सिस्टम, सन-इन टाइप एलईडी डेस्टिनेशन बोर्ड, स्टेनलैस स्टील मल्टी-टियर लगेज रैक रहेंगे।
  • रिफ्रेशमेंट के लिए मिनी पैंट्री, माइक्रोवेव अवन, कॉफी मेकर, वॉटर कूलर, रेफ्रिजरेटर और वॉश बेसिन की सुविधा रहेगी। 
  • चलती ट्रेन में निगरानी के लिए नए कोच ऑनबोर्ड सर्विलांस के लिए एक सीसीटीवी प्रणाली से भी लैस हैं। 
  • कोच का इंटीरियर भी काफी अच्छा है। एफआरपी मॉड्यूलर टॉयलेट्स हैं

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