कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई जघन्य वारदात को लेकर देशभर के चिकित्सकों में उबाल है। कोलकाता पुलिस के मुताबिक 31 साल की महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के बाद अस्पताल में तोड़फोड़ के मामले में कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। स्थानीय अदालत ने संदिग्ध आरोपियों को 22 अगस्त तक हिरासत में भेजा है। इस पूरे मामले में 15 अगस्त के दिन क्या-क्या हुआ, जानिए प्रमुख बातें
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या का मामला राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। आज लालकिले की प्राचीर से खुद पीएम मोदी ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के मामले में सख्ती दिखाने के संकेत दिए। कोलकाता पुलिस ने बताया है कि अब तक दुष्कर्म-हत्या के इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात डॉक्टरों के आक्रोश की आड़ में लगभग 40-50 लोगों की भीड़ ने आरजी कर अस्पताल पर हमला बोला और संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया। हालात बेकाबू होता देख सुरक्षाबलों और पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।
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नई महिला प्रिंसिपल और अधीक्षक का घेराव
गुरुवार को पुलिस ने बताया कि तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच और पूछताछ के सिलसिले में हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या 12 हो चुकी है। अब तक पकड़े जा चुके लोगों को स्थानीय अदालत ने 22 अगस्त तक हिरासत में भेजा है। दुष्कर्म-हत्या से आक्रोशित डॉक्टरों ने अस्पताल के बाहर-विरोध प्रदर्शन किया, प्रशासनिक भवन घेर लिया। इस दौरान नई महिला प्रिंसिपल और अधीक्षक का घेराव भी किया गया। दोनों को परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। 10 बिंदुओं में समझें दिनभर का घटनाक्रम-
कोलकाता पुलिस के मुताबिक गुरुवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार कर 22 अगस्त कर हिरासत में भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कई अहम सीसीटीवी फुटेज मिले हैं जिनकी गहन जांच की जा रही है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कुछ वीडियो फुटेज देखने की बात कही।
भारतीय चिकित्सा परिषद (IMA) ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि भीड़ का मकसद युवा डॉक्टरों को निशाना बनाने का प्रयास था। IMA के मुताबिक भीड़ बनकर आए उपद्रवियों ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
कोलकाता पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि हिंसा के दौरान महिला डॉक्टर के साथ जिस जगह पर वारदात हुई उस जगह पर छेड़छाड़ नहीं की गई। पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम गुरुवार को पीड़िता के घर पहुंची। केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा भी किया। जहां जूनियर डॉक्टर की हत्या हुई थी, जांच अधिकारी वहां भी गए। बता दें कि 31 वर्षीय डॉक्टर की हत्या चेस्ट मेडिसिन विभाग की चौथी मंजिल पर हुई थी।
बुधवार देर रात आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ से आक्रोशित नर्सों ने एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल नर्स के मुताबिक भीड़ में शामिल लोग सेमिनार रूम में मौका-ए-वारदात पर जाने की ताक में थे। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों ने नर्सों से उन्हें छिपाने की बात भी कही। दुष्कर्म-हत्या का यह मामला अतिसंवेदनशील और पुलिस पर भी आरोप गंभीर हैं, लेकिन फिलहाल पुलिसकर्मियों की पहचान उजागर नहीं हुई है।
सीबीआई की जांच, राज्य पुलिस की कार्रवाई से इतर सियासी बयानवीर भी खूब टीका-टिप्पणी कर रहे हैं। विपक्षी दल भाजपा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफा मांग रहा है, तो दूसरी तरफ टीएमसी का कहना है कि भाजपा हताशा में ऐसे बयान दे रही है। सीएम ममता के भतीजे और तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ को भाजपा की गुंडागर्दी बताते हुए कोलकाता पुलिस से 24 घंटे के भीतर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है।
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड और ओपीडी में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने परिसर में मौजूद पुलिस चौकी को भी निशाना बनाया। कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के मुताबिक मीडिया के 'दुर्भावनापूर्ण' रिपोर्टिंग के कारण माहौल बेकाबू होता गया।
पीड़िता के पिता ने कहा, मौत के बदले मुआवजे में पैसे लेने से उनकी बेटी दुखी होगी। सीबीआई अधिकारी उनके बयान और जरूरी सबूत ले गए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिलाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अस्पताल का दौरा कर तमाम शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े किए और कहा कि पुलिस कॉलेज-अस्पताल के छात्रों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है। बेकाबू भीड़ ने उत्पात किया। परिसर में बिना किसी रोकटोक के बाहरी लोगों का प्रवेश चिंताजनक है। अपराध की जगह और उसके आसपास छेड़छाड़ किए जाने की आशंका है।
राज्यपाल बोस ने राज्य सरकार से रिपोर्ट भी मांगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर उनसे मुलाकात की। राजभवन ने सरकार से पूछा कि कानून व्यवस्था बहाल करने और डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए सरकार ने क्या प्रयास किए हैं। समझा जाता है कि ममता ने राज्यपाल से मुलाकात के दौरान तमाम अन्य सवालों के जवाब भी दिए। राजभवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए ममता ने उपद्रव की वीडियो का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानकारी मिली है कि भाजपा से जुड़े हुए लोगों को वीडियो क्लिप में देखा गया है।