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ममता सरकार को झटका: हाईकोर्ट ने एसएससी ग्रुप डी नियुक्ति में अनियमितता की सीबीआई जांच का आदेश दिया

Mon, 22 Nov 2021 11:57 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कोलकाता हाईकोर्ट ने यह आदेश नौकरी के इच्छुक कुछ उम्मीदवारों की ओर से दायर एक याचिका पर पारित किया गया।
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कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : www.calcuttahighcourt.gov.in
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सोमवार को बड़ा झटका लगा। कलकत्ता हाई कोर्ट ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) ग्रुप डी नियुक्ति मामले में अनियमितता की सीबीआई जांच का आदेश दिया है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।

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अदालत ने कहा कि दोषियों को चिन्हित करके उन्हें सजा दिलाना जरुरी है। हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच के लिए डीआइजी रैंक के अधिकारी को लेकर विशेष कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है और 21 दिसंबर तक अदालत के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार मामले की किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराना चाहती थी, लेकिन हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।

अदालत ने कहा कि मामले में आगे के आदेश सीबीआई की ओर से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दाखिल करने के बाद पारित किए जाएंगे। यह आदेश नौकरी के इच्छुक कुछ उम्मीदवारों की ओर से दायर एक याचिका पर पारित किया गया। याचिका में दावा किया गया कि राज्य में सहायता प्राप्त, प्रायोजित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में समूह डी कर्मचारियों के पदों के लिए प्रस्तावित पैनल की समय सीमा बीतने के बाद भी लोगों की नियुक्तियां की गईं।

याचिकाकर्ताओं ने शुरू में ऐसी 25 नियुक्तियों की सूची अदालत के सामने पेश की थी, लेकिन बाद में दावा किया कि ऐसी 500 से अधिक अतिरिक्त नियुक्तियां की गईं। पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीएसई) ने दावा किया कि सभी नियुक्तियां एसएससी की सिफारिशों के आधार पर की गई थीं।

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हालांकि आयोग ने अदालत में एक हलफनामा दिया जिसमें कहा गया कि चार मई 2019 के बाद उसके द्वारा कोई अनुशंसा पत्र जारी नहीं किया गया था। समूह डी कर्मचारियों के पैनल की समय सीमा चार मई को समाप्त हो गई थी।

क्या है मामला
2016 में स्कूलों में ग्रुप डी पदों पर करीब 13 हजार नियुक्तयों के लिए एसएससी ने परीक्षा का आयोजन किया था व उम्मीदवारों के साक्षात्कार भी लिए थे। इसके बाद नियुक्ति के लिए एक पैनल का गठन किया गया था। उस पैनल की मियाद 2019 में खत्म हो गई थी। आरोप है कि पैनल की मियाद खत्म होने के बाद भी अनियमित तरीके से नियुक्तियां की गईं। अमान्य तरीके से 25 लोगों की नियुक्तियों को लेकर हाई कोर्ट में मामला दायर किया गया था। अदालत ने इसे लेकर एसएससी सचिव से हलफनामा दाखिल करने को कहा था। उनकी तरफ से दाखिल किए गए हलफनामे पर अदालत ने असंतोष जताया। 

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