ऐसे लोग जिनके पास गोल्डन वीजा होगा उन्हें आम वीजाधारकों की तुलना में कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। मसलन, सबसे अहम सुविधा यह है कि वे बिना किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी की सहायता के अपने पति या पत्नी और बच्चों के साथ यूएई में रह सकेंगे। अभी तक इसके लिए स्पॉन्सर की आवश्यकता पड़ती थी।
इस वीजा का एक और फायदा यह भी मिलेगा कि गोल्डन वीजाधारक तीन कर्मचारियों को स्पॉन्सर भी कर सकेंगे। इसके अलावा वह अपनी कंपनी के किसी वरिष्ठ कर्मचारी को रेसीडेंसी वीजा भी दिलवा सकेंगे। बता दें कि शेख मोहम्मद ने कहा था कि गोल्डन वीजा वितरण के पहले दौर में 70 से अधिक देशों के 6800 लोगों को यह वीजा दिया जाएगा।
गोल्डन कार्ड वीजा से संबंधित एक प्रेस वार्ता में यूएई के रेसीडेंसी और विदेशियों के मामले देखने वाले जीडीआरएफए विभाग के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अली मारी ने बताया था कि इस वीजा की अवधि 10 साल होगी। अवधि पूरी होने पर इसे रिन्यू करवाना पड़ेगा।
संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ी प्रवासी आबादी भारतीयों की है। बता दें कि 90 लाख की आबादी वाले यूएई में करीब 30 फीसदी आबादी भारतीय प्रवासियों की है। खबरों के अनुसार यूएई में बसे कई भारतीय कारोबारियों को गोल्डन कार्ड वीजा मिल चुका है।
खबरों के अनुसार शारजाह में भारतीय कारोबारी लालू सैमुएल को यह वीजा दिया गया है। लालू मध्य पूर्व की सबसे बड़ी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों में से एक किंग्सटन होल्डिंग्स कंपनी के मालिक हैं। इसके अलावा गहने बनाने वाली कंपनी मालाबार ग्रुप के को-चेयरमैन पीए इब्राहीम हाजी को भी गोल्डन वीजा दिया गया है। इनके अलावा भी कई भारतीय व्यापारियों को गोल्डन वीजा दिए जाने की खबरें हैं।