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किसान संसद: जब 'कृषि मंत्री' बोले नए कानून किसान विरोधी हैं, मैं अपने पद से 'इस्तीफा' देता हूं

Fri, 23 Jul 2021 07:45 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किसान संसद के दूसरे सत्र की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन (असली, अराजनैतिक) के नेता चौधरी हरपाल सिंह बिलारी ने की। शुक्रवार को 60 से ज्यादा किसानों ने अपनी बात रखी...
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जंतर मंतर पर किसान संसद - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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संसद में जारी मॉनसून सत्र भले ही हंगामे की भेंट चढ़ रहा हो लेकिन जंतर-मंतर पर आयोजित किसान संसद दूसरे दिन भी चली। एक तरफ जहां देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कृषि कानूनों के फायदे गिना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ किसान संसद में कृषि मंत्री नए कानूनों को किसान विरोधी करार देकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।  

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शुक्रवार को जैसे ही किसानों ने अपने संसद की कार्यवाही शुरू की वैसे ही कृषि मंत्री इस्तीफा दो... के नारों से जंतर-मंतर गूंजने लगा। हंगामे के बीच सभा के स्पीकर जगविंदर सिंह ने सभी सदस्यों को शांत कर प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध किया। किसान संसद में सुबह सवा 11 बजे से सवा 12 बजे तक प्रश्नकाल चला। इस दौरान सदस्यों ने कृषि मंत्री से नए कृषि विधेयक के फायदों को लेकर कई सवाल दागे। इसमें 'कृषि मंत्री' कृषि कानूनों का बचाव करने की पुरजोर कोशिश करते नजर आए।

मंत्री ने किसान संसद को बताया कि कैसे पैर फैलाती कोवि़ड वैश्विक महामारी के बीच, किसानों को उनके घरों को लौटने और उनसे टीका लगवाने का अनुरोध किया गया था। हर बार जब मंत्री जब संतोषजनक जवाब देने में विफल रहते, सदन के सदस्य उन्हें शर्मिंदा करते, अपने हाथ उठाते और उनके जवाबों पर आपत्ति जताते और इस्तीफा दो...के नारे लगाते। सदन में लगातार होते विरोध के बीच कृषि मंत्री ने अपना इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि मैं भी एक किसान परिवार से आता हूं। ये नए कानून किसान विरोधी है। इसलिए मैंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

60 से ज्यादा किसानों ने रखी अपनी बात

किसान संसद के दूसरे सत्र की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन (असली, अराजनैतिक) के नेता चौधरी हरपाल सिंह बिलारी ने की। शुक्रवार को 60 से ज्यादा किसानों ने अपनी बात रखी। किसान रमिंदर सिंह ने बताया कि दूसरे दिन प्रस्ताव पास किए जाने हैं। इनमें एक एपीएमसी एक्ट के विरोध में और दूसरे पंजाब कांग्रेस के सांसदों के विरोध में किया जाएगा। क्योंकि पंजाब कांग्रेस के सभी सांसदों ने संयुक्त किसान मोर्चा की व्हिप की उल्लंघन किया है। पूरे संसद सत्र के दौरान मोर्चा ने सभी से दिल्ली में रहने और संसद में किसानों की आवाज उठाने की मांग को लेकर सांसदों को एक व्हिप जारी की थी।

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