इधर भाजपा नेता अमित वाल्मीकि की शिकायत पर भारतीय किसान यूनियन के 200 नेताओं पर गाजियाबाद के कौशांबी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। किसानों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की 147, 148, 223, 352, 427 और 506 धाराएं लगाई गई हैं। भाजपा नेताओं और किसानों के बीच मारपीट के वायरल वीडियो से किसानों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने भी अपनी ओर से कई वीडियो बनाए थे जिनसे आरोपियों की पहचान की जा रही है।
किसानों ने दिया थानों पर धरना
इधर किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन स्थल पर धरना दे रहे थे। उलटे उन पर ही हमला किया गया है। इसलिए मुकदमा उन लोगों पर दर्ज किया जाना चाहिए जिन्होंने किसानों से मारपीट की कोशिश की है। आरोपी भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं पर एफआईआर कराने के लिए किसान यूनियन के नेता उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों पर धरना देकर अमित वाल्मीकि और अन्य पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अब तक उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन स्थल पर एक महिला के साथ अभद्रता और बाद में एक किसान को जला दिए जाने की कथित घटनाओं के बाद भी टिकरी बॉर्डर से किसानों का स्थानीय किसानों से विवाद हुआ था। स्थानीय किसानों ने अपनी परेशानी का हवाला देते हुए आंदोलन कर रहे किसानों से धरना स्थल खाली करने को लेकर विवाद भी हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, इसी तरह की एक और कोशिश नौ जुलाई को दुबारा की जा सकती है। इसमें दिल्ली के किसान भारी संख्या में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेंगे और राकेश टिकैत से आंदोलन की जगह बदलने पर बातचीत करेंगे क्योंकि आंदोलन से केवल दिल्ली के किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। अब तक भारतीय किसान यूनियन ने इस मुद्दे पर कोई रुख स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन अगर इस मामले का कोई हल नहीं निकला तो मामला बिगड़ सकता है। भारतीय किसान यूनियन इस हलचल को लेकर सतर्क है।
भाजपा भी संभालने की कोशिश में जुटी
एक तरफ तो किसान नेता इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि यह विवाद किसी भी तरह 'किसान बनाम वाल्मीकि समुदाय' का रंग न ले, वहीं भाजपा भी किसान आंदोलन की भरपाई करने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उसके नेता पश्चिमी यूपी के प्रभावी जाट नेताओं से मुलाकात कर उन्हें अपने पाले में लेने की कोशिश कर रहे हैं जिससे चुनाव तक जाटों को दुबारा भाजपा के पाले में लाया जा सके। बीजेपी के एक केंद्रीय मंत्री के जरिए क्षेत्र के जाट नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है।