राकांपा (शरद पवार) के एमएलसी खडसे का कहना है कि वह भाजपा को छोड़ने के करीब चार साल इस महीने के अंत में भगवा पार्टी में लौट आंगे, जिसके साथ वह दशकों से जुड़े हुए थे। पूर्व कैबिनेट मंत्री खडसे 2020 में राकांपा (अविभाजित) में शामित हुए थे और बाद में उन्हें महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुना गया।
जुलाई 2023 में राकांपा में विभाजन के बाद वह शरद पवार के साथ पार्टी में बने रहे। पटेल ने एक चुनावी रैली में कहा, भाजपा के कुछ नेताओं के साथ अनबन के कारण एकनाथ खडसे राकांपा में शामिल हुए थे। लेकिन उनका दिल हमेशा पिछली पार्टी (भाजपा) के साथ रहा। जब पार्टी ने उनकी बहू और सांसद रक्षा खडसे को रावेर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, तो यह स्पष्ट हो गया था कि वह भाजपा में लौट आएंगे।
उन्होंने आगे कहा, खडसे ने यह भी महसूस किया कि शरद पवार के साथ उनका कोई सियासी भविष्य नहीं है। अजित पवार नीत राकांपा भाजपा की सहयोगी पार्टी है। कुछ दिन पहले खडसे ने भाजपा में लौटने की अपनी योजना का एलान किा और कठिन समय में मदद करने के लिए उन्होंने शरद पवार का आभार भी जताया था।
देवेंद्र फडणवीस नीत भाजपा सरकार में प्रभावशाली मंत्री रहे खडसे ने पुणे जिले में एक भूमि सौदे में अनियमितता के आरोपों को लेकर 2016 में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। फडणवीस से मतभेदों का हवाला देते हुए उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी और राकांपा (अविभाजित) में शामिल हो गए थे।