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केरल विश्वविद्यालय के बाहर यूथ कांग्रेस-एसएफआई में झड़प: पत्थरबाजी, जलती मशालें फेंकी गईं; कैसे बिगड़े हालात?

Wed, 30 Sep 2026 11:53 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम (केरल)

सार

तिरुवनंतपुरम में यूथ कांग्रेस और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच करीब तीन घंटे तक टकराव हुआ। पत्थरबाजी और जलती मशालों के बीच पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। आखिर इस झड़प की शुरुआत कैसे हुई? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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केरल विश्वविद्यालय के बाहर झड़प - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/@diganta_guha
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विस्तार
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तिरुवनंतपुरम में यूथ कांग्रेस और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार शाम झड़प हो गई। यह झड़प केरल विश्वविद्यालय के पुरुष छात्रावास के पास हुई। करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों में टकराव चलता रहा। इस दौरान जलती हुई मशालें फेंकी गईं। पत्थर भी चले। पुलिस ने कई बार आंसू गैस छोड़ी। इससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
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कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह झड़प यूथ कांग्रेस के मार्च के बाद हुई। यूथ कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही थी। इसी मांग को लेकर मार्च निकाला गया था। मार्च महालेखाकार कार्यालय की ओर जा रहा था। जब मार्च विश्वविद्यालय महाविद्यालय के छात्रावास के सामने पहुंचा, तब प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए।

आरोप है कि ये पत्थर छात्रावास के अंदर से फेंके गए। इस छात्रावास को एसएफआई का मजबूत गढ़ माना जाता है। कथित पत्थरबाजी के बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मार्च के बाद तनाव और बढ़ गया। दोनों तरफ से पत्थर फेंके गए। जलती हुई मशालें भी फेंकी गईं।
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मार्च खत्म होने के बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता छात्रावास की ओर बढ़े। वहां एसएफआई कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके बाद छात्रावास की ओर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इसका जवाब दिया। इसके बाद काफी देर तक झड़प चलती रही।

कॉलेज परिसर तक कैसे पहुंचा तनाव?
तनाव पास के विश्वविद्यालय महाविद्यालय परिसर तक भी पहुंच गया। केएसयू और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिसर में घुसने का आरोप है। उन्होंने दीवार फांदी। इसके बाद प्रचार वाले बोर्ड को नुकसान पहुंचाया गया।

हालात बिगड़ने पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई बार आंसू गैस छोड़ी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से वहां से हटने को कहा। लेकिन टकराव जारी रहा। इसके बाद और पुलिसकर्मियों को बुलाया गया।

बाद में पुलिस पुरुष छात्रावास के अंदर पहुंची। वहां मौजूद छात्रों पर लाठियां चलाई गईं। छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से छात्रावास छोड़ने की मांग की।

मौके पर कौन-कौन पहुंचा?
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसएफआई के राज्य सचिव पीएस संजीव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। छात्रावास के बाहर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। अंदर एसएफआई कार्यकर्ता थे। दोनों पक्षों के बीच पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस ने सड़कें खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान इलाके से एंबुलेंस भी गुजरती दिखाई दीं। 

पुलिस ने क्या कहा?
अपर पुलिस महानिदेशक पी. विजयन ने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसएफआई ने क्या आरोप लगाए?
एसएफआई के राज्य सचिव पीएस संजीव ने आरोप लगाया कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों को उकसाया। उन्होंने छात्रावास की ओर डंडे और पत्थर फेंके। एक जलती हुई मशाल भी फेंकी गई। संजीव के अनुसार, इसके बाद झड़प शुरू हुई। उन्होंने कहा कि हिंसा शुरू होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने बताया कि एक जलती हुई वस्तु परिसर के अंदर गिर गई थी। इससे आग लगने का खतरा पैदा हुआ। इसके बाद पुलिस ने आग रोकने के लिए एसएफआई कार्यकर्ताओं से मदद मांगी। संजीव के अनुसार, एसएफआई कार्यकर्ताओं ने छात्रों को वहां से हटाया। उन्होंने पुलिस की मदद से आग भी बुझाई।

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उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता बाद में बड़ी संख्या में फिर लौटे। उन्होंने दोबारा छात्रावास पर पत्थर फेंके। संजीव ने पुलिस पर छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में कुछ छात्रों के सिर और शरीर के दूसरे हिस्सों में चोटें आईं। 

इलाके में तनाव
इन आरोपों की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुरुष छात्रावास के पास काफी देर तक टकराव हुआ। हिंसा पास के महाविद्यालय परिसर तक भी पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इन घटनाओं के कारण पूरे शाम इलाके में तनाव बना रहा।

पिनरई विजयन ने क्या कहा?
इस मामले पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने कहा, केरल में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो नहीं होनी चाहिए। एकतरफा हमला किया जा रहा है। एसएफआई कार्यकर्ताओं की ओर से कोई उकसावा नहीं था। वे छात्रावास के अंदर थे। यूथ कांग्रेस छात्रों पर हमला कर रही है। यह सुनियोजित हमला था।
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उन्होंने आगे कहा, छात्रावास के अंदर जलती हुई मशाल फेंकी गई। घायलों को अस्पताल ले जाने से भी रोकने की कोशिश की गई। एसएफआई के राज्य सचिव भी घायल हुए हैं। पूरे राज्य में जोरदार विरोध प्रदर्शन होंगे। सत्तारूढ़ दल का युवा संगठन ही कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर रहा है। 
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