प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर बातचीत हुई। मोदी ने इसे उपयोगी बातचीत बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण तकनीकों और दूसरे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। दोनों ने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की बातचीत के विवरण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री के बयान में जानकारी नहीं दी गई। रमेश ने सवाल किया कि क्या मोदी ने अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को निशाना बनाए जाने और ईरान के साथ भारत के आर्थिक संबंधों पर अपनी चिंताएं ट्रंप के सामने रखीं। उन्होंने इसे उन मुद्दों में शामिल बताया, जिन्हें लेकर भारत में सवाल उठ रहे हैं।
रूस से तेल खरीदने पर क्या मोदी ने ट्रंप के सामने भारत की चिंता रखी?
जयराम रमेश ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की कार्रवाई पर भारत की चिंता ट्रंप के सामने रखी। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या ईरान के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को लेकर अमेरिका की नीति का मुद्दा बातचीत में उठाया गया। यह सवाल ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर बातचीत जारी है। मोदी और ट्रंप की बातचीत में व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल रहे, लेकिन कांग्रेस ने पूछा कि भारत की इन विशेष चिंताओं पर क्या चर्चा हुई।
भारतीय छात्रों और पेशेवरों के वीजा पर कांग्रेस ने क्या पूछा?
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से दूसरा सवाल अमेरिकी वीजा नीति को लेकर किया। उन्होंने पूछा कि क्या मोदी ने अमेरिका की ओर से भारतीय पेशेवरों और छात्रों को वीजा से जुड़े मामलों में निशाना बनाए जाने को लेकर भारत की चिंताएं ट्रंप के सामने रखीं। रमेश ने कहा कि यह भी भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़ा अहम मुद्दा है। हालांकि, प्रधानमंत्री की ओर से जारी बातचीत के विवरण में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण तकनीकों और क्षेत्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख किया गया है। वीजा संबंधी इस विशेष मुद्दे का उल्लेख उस विवरण में नहीं है।
पाकिस्तान और पहलगाम हमले को लेकर क्या सवाल उठाया गया?
जयराम रमेश ने तीसरा सवाल पाकिस्तान को लेकर उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने ट्रंप और अन्य लोगों की ओर से पाकिस्तान के साथ संपर्क या नजदीकी को लेकर भारत की चिंता जाहिर की। कांग्रेस नेता ने अपने बयान में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया और पाकिस्तान पर उस हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया। यह कांग्रेस नेता का आरोप है। दूसरी ओर, मोदी और ट्रंप की बातचीत के आधिकारिक विवरण में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा पर चर्चा की बात कही गई है, लेकिन पाकिस्तान या पहलगाम का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
मोदी-ट्रंप की बातचीत को लेकर कांग्रेस ने और क्या कहा?
रमेश ने प्रधानमंत्री के ट्रंप के साथ संबंधों और बातचीत के तरीके पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से जिन मुद्दों का विवरण दिया गया, उसमें भारत में चिंता पैदा करने वाले सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। उन्होंने हाल के यूपीआई से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री पर ट्रंप के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है। वहीं, प्रधानमंत्री के अनुसार बातचीत में दोनों देशों के बीच सहयोग की प्रगति की समीक्षा हुई और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति जताई।