कोझिकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे के शिकार 16 लोगों के पार्थिव शरीर रविवार को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं मुख्य पायलट 58 वर्षीय दीपक साठे का पार्थिव शरीर मुंबई में उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे भाभा अस्पताल में रखा गया है।
दुबई में रहने वाले भारतीय प्रवासी शेमिर वडक्कन पथाप्पिरियम ने उस समय राहत की सांस ली जब उन्हें पता चला कि केरल के कोझिकोड में हुई विमान दुर्घटना में उनके और उनके भाई के परिवार के सभी सात सदस्य बाल-बाल बच गए हैं।
दुबई सिलिकॉन ओएसिस कंपनी में लॉजिस्टिक मैनेजर शेमिर (41) शुक्रवार शाम से ही विमान में सवार अपने परिवार के सदस्यों के बारे में पता करने के लिए कोझिकोड हवाई अड्डे के निकट अलग-अलग ट्रामा सेंटर में बार-बार फोन कर रहे थे।
दुबई से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस का आईएक्स 1344 विमान शुक्रवार शाम सात बजकर 41 मिनट पर भारी बारिश के बीच कोझिकोड में हवाईपट्टी पर उतरते समय फिसलकर 35 फुट गहरी खाई में गिर गया था, जिसके बाद उसके दो टुकड़े हो गए। विमान में 190 लोग सवार थे, जिनमें से पायलट-इन-कमांड कैप्टन दीपक साठे और उनके सहयोगी पायलट अखिलेश कुमार समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई।
शेमिर ने कहा, 'यह खबर सुनकर हमें धक्का लगा। हम काफी समय तक उनसे बात नहीं कर पाए।' उन्होंने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर उनके परिवार के सदस्यों को बचाने वाले अधिकारियों और स्थानीय लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा, 'काफी जद्दोजहद के बाद मैं अपनी पत्नी से बात कर पाया। उन्होंने मुझे बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को बचा लिया।'