याचिका पर विचार करते हुए, न्यायमूर्ति जियाद रहमान ए ने तीन महीने के लिए कार्यवाही पर रोक लगा दी। अदालत ने पहले मामले के सिलसिले में उन्हें जमानत दे दी थी।
केरल हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना के खिलाफ लक्षद्वीप पुलिस द्वारा देशद्रोह के मामले में आगे की कार्यवाही पर बुधवार को रोक लगा दी। वहीं अदालत ने केंद्र द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए पर पुनर्विचार किए जाने तक ऐसे सभी मामलों में कार्यवाही पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के मद्देनजर यह निर्देश दिया।
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लक्षद्वीप में भाजपा के एक नेता की शिकायत के बाद पिछले साल जून में सुल्ताना पर देशद्रोह के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सुल्ताना ने टीवी पर बहस के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के प्रसार के बारे में झूठी खबर फैलाई थी।
राजद्रोह के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर सुल्ताना द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करते हुए, न्यायमूर्ति जियाद रहमान ए ए ने तीन महीने के लिए कार्यवाही पर रोक लगा दी। अदालत ने पहले मामले के सिलसिले में उन्हें जमानत दे दी थी।
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फिल्म निर्माता ने दावा किया था कि वह अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए बिल्कुल निर्दोष थी। उसके अनुसार, उसे इस मामले में गलत मंशा और तंग करने के इरादे से फंसाया गया था।